Friday, April 17th, 2026

ड्रोन सखी बनीं आगर की रीना, आधुनिक खेती में महिलाओं की बदलती भूमिका

आधुनिक खेती में महिलाओं का बढ़ता कदम, आगर की रीना बनीं ड्रोन सखी

ड्रोन तकनीक से बदली तस्वीर

भोपाल

आधुनिक तकनीक अब ग्रामीण भारत की महिलाओं को भी आत्मनिर्भरता की नई उड़ान दे रही है। आगर जिले के ग्राम थडोदा की रीना चंदेल इसका प्रेरक उदाहरण हैं। आजीविका मिशन और नाफेड के सहयोग से प्राप्त ड्रोन संचालन प्रशिक्षण ने रीना को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें गांव-गांव में आधुनिक खेती की अग्रदूत बना दिया है। अब रीना ड्रोन तकनीक के माध्यम से किसानों के खेतों में स्प्रे कर रही हैं और पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खेती-किसानी के क्षेत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद रीना ने जिले में किसानों के खेतों तक ड्रोन तकनीक पहुंचाने का काम शुरू किया। वह स्वयं ड्रोन का संचालन करती हैं और खेतों में कीटनाशक व पोषक तत्वों का स्प्रे करती हैं। खरीफ सीजन में रीना ने 42 किसानों की लगभग 121 एकड़ जमीन पर ड्रोन के माध्यम से स्प्रे किया और प्रति एकड़ 500 रुपये की दर से सेवा प्रदान की। वहीं रबी सीजन में उन्होंने 56 किसानों की लगभग 156 एकड़ जमीन पर ड्रोन स्प्रे कर आधुनिक कृषि पद्धति को बढ़ावा दिया।

रीना की सक्रियता और मेहनत को देखते हुए कृषि विभाग ने उन्हें “कृषि सखी” की जिम्मेदारी भी सौंपी है। जिला स्तरीय प्रशिक्षण के बाद वह समूह की महिलाओं और किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दे रही हैं। इस कार्य के लिए उन्हें विभाग की ओर से प्रतिमाह 5 हजार रुपये का मानदेय भी दिया जा रहा है।

रीना चंदेल की कहानी यह दर्शाती है कि यदि अवसर और प्रशिक्षण मिले तो ग्रामीण महिलाएं भी तकनीक के क्षेत्र में नई मिसाल कायम कर सकती हैं। ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक के उपयोग से उन्होंने न केवल अपनी आय का स्रोत बढ़ाया है, बल्कि किसानों को भी समय और श्रम की बचत के साथ बेहतर खेती की दिशा दिखाई है।

आज रीना अपने गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। उनकी यह सफलता बताती है कि बदलते समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आधुनिक तकनीक को अपनाकर गांव और खेती दोनों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

 

 

#Drone Sakhi

Source : Agency

आपकी राय

14 + 7 =

पाठको की राय