Friday, April 17th, 2026

चंद्र ग्रहण के साथ रहेगा भद्रा का साया, 2 मार्च को होलिका दहन और 4 को रहेगी रंगों वाली होली

2026 का पहला सूर्य ग्रहण एक एनुलर (Annular Solar Eclipse) ग्रहण है, जिसका मतलब है कि आपको आसमान में वह मशहूर रिंग ऑफ फायर दिखेगा। इसके बाद सिर्फ 15 दिन बाद, फाल्गुन महीने की पूर्णिमा की रात को एक चंद्र ग्रहण लगने वाला है।
यह ग्रहण 5:13 PM IST पर शुरू होगा, 5:42 PM पर अपने पीक पर होगा, और 6:11 PM तक खत्म हो जाएगा।

हालांकि भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक महत्व नहीं है इसलिए आम तौर पर सूतक काल लागू नहीं होता है। अगला चंद्र ग्रहण अब से 15 दिन बाद, फिर से फाल्गुन पूर्णिमा के दौरान लगेगा। इन ग्रहणों की वजह से इस साल होलिका दहन और होली की तारीखें बदल गई हैं। आमतौर पर लोग फाल्गुन पूर्णिमा की रात को होलिका दहन करते हैं और फिर अगले दिन रंगों का त्योहार होली मनाते हैं। लेकिन इस साल चीजें अलग हैं। भद्रा, और आने वाले चंद्र ग्रहण ने शेड्यूल बदल दिया है। होलिका दहन 2 मार्च को होगा और होली 4 मार्च को होगी।

होलिका दहन कब है? होली कब है?
ज्योतिर्वेद डॉ अनीष व्यास बताते हैं कि फाल्गुन पूर्णिमा 2 मार्च को शाम 5 बजे के बाद शुरू होगी। पूर्णिमा 3 मार्च की शाम तक रहेगी। 2 मार्च को पूर्णिमा निकलते ही भद्रा काल शुरू हो जाएगा। शास्त्रों (खासकर धर्म सिंधु) के अनुसार, आपको भद्रा काल के आखिर में होलिका जलानी चाहिए, शुरुआत में नहीं। तो इस साल होलिका दहन का सही समय 2 मार्च को आधी रात के बाद 12:50 AM से 2:02 AM तक।

अब चंद्र ग्रहण के बारे में
यह 3 मार्च को शाम 5:50 बजे शुरू होगा और शाम 6:47 बजे खत्म होगा। सूतक काल, जब लोग शुभ काम नहीं करते, ग्रहण से नौ घंटे पहले शुरू होता है तो यह 3 मार्च को सुबह 9 बजे है।

शास्त्रों में साफ लिखा है
ग्रहण या सूतक काल के दौरान कोई भी बड़ा जश्न या रस्म न करें। इसीलिए रंगों का बड़ा त्योहार होली इस साल 4 मार्च तक टाल दिया गया है। 3 मार्च को बस शांति से प्रार्थना या ध्यान करें। इस साल होली 4 मार्च को चंद्र ग्रहण खत्म होने के ठीक बाद मनाई जाएगी। यह दिन पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और घृति शूल योग में पड़ेगा। दोनों को बहुत लकी माना जाता है। प्रतिपदा शाम तक रहेगी, और सूरज शतभिषा नक्षत्र और कुंभ राशि में चमकेगा। तो अगर आप सोच रहे हैं कि कब मनाएं, तो आखिरी बात यह है कि होलिका दहन 2 मार्च को (देर रात) और होली 4 मार्च को जब सारे रीति-रिवाज और ग्रहण खत्म हो जाएं।

अस्वीकरण (Disclaimer): इस लेख में दी गई जानकारी केवल सामान्य सूचनात्मक उद्देश्यों के लिए है। यहां दी गई ज्योतिष, वास्तु या धार्मिक जानकारी मान्यताओं और विभिन्न स्रोतों पर आधारित है। 

 

#Holika Dahan

Source : Agency

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