Thursday, July 23rd, 2026

मौसम का कहर जारी! अमरनाथ यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित, प्रशासन अलर्ट पर

बनिहाल

साल भर श्रद्धालुओं को अमरनाथ यात्रा का इंतजार रहता है, लेकिन मौसम की खस्ता हालत को देखते हुए अमरनाथ यात्रा चौथे दिन भी रुकी हुई है. दरअसल, पिछले दो दिनों से खराब मौसम, भूस्खलन और कई जगहों पर पत्थरों के गिरने से जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे (NH-44) बंद है. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा रोक दी गई है. आज यात्रा को रुके 4 दिन हो गए हैं। 

खराब मौसम के चलते अमरनाथ यात्रा को रविवार को कुछ समय के लिए रोका गया था लेकिन मौसम बिगड़ता ही गया और हालात यह हुए कि चौथे दिन भी यह यात्रा रुकी है. यात्रा रोके जाने पर रविवार को यात्रियों को यात्रा निवास चंदरकोट रामबन और लंबर ग्राउंड बनिहाल में ठहराया गया था। 

खराब मौसम, कई जगहों पर भूस्खलन और पत्थरों के गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ है. इसके कारण जम्मू-कश्मीर नेशनल हाईवे( NH-44) बाधित हो गया है. हालांकि अधिकारी मौके पर मुस्तैद हैं और स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं. अब यह यात्रा दोबारा कब शुरू होगी वह मौसम पर निर्भर करता है। 

NH-44 पर ट्रैफिक बहाली के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू हो सकेगी. ऐसे में, प्रशासन द्वारा तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि आधिकारिक ऐडवाइज़री का पालन करें और हालात सुधरने तक यात्रा करने से बचे। 

आईएमडी ने कहा कि यह वेदर सिस्टम अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से नमी आने और मॉनसून ट्रफ के जम्मू की ओर शिफ्ट होने की वजह से बना है. एडवाइजरी में चेतावनी दी गई है कि लंबे समय तक बारिश होने से कमजोर जगहों पर लैंडस्लाइड, मडस्लाइड, पत्थर गिरने और अचानक बाढ़ आ सकती है. खासकर पीर पंजाल रेंज और कश्मीर के ऊंचे इलाकों में, जिनमें अनंतनाग, पहलगाम, कुलगाम, शोपियां, गुलमर्ग, सोनमर्ग-ज़ोजिला एक्सिस, बांदीपोरा-राजदान पास और कुपवाड़ा-साधना पास शामिल हैं। 

मौसम विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि मौसम की वजह से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे और दूसरी बड़ी सड़कों पर ट्रैफिक समेत सरफेस ट्रांसपोर्ट में रुकावट आ सकती है. इसने नदियों, झरनों और सब-बेसिन में पानी का लेवल बढ़ने की चेतावनी दी है, जिससे निचले इलाकों में पानी भरने और हल्की बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है। 

मौसम विभाग ने यात्रियों और टूरिस्ट को अपनी यात्रा की प्लानिंग ध्यान से करने की सलाह दी है. ऊंचाई वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से लैंडस्लाइड वाले इलाकों से बचने को कहा है. किसानों से कहा है कि वे फोरकास्ट पीरियड के दौरान फर्टिलाइजर का इस्तेमाल और केमिकल स्प्रे करना बंद कर दें. इसने दिन के टेम्परेचर में भी काफी गिरावट का अनुमान लगाया है। 

अधिकारियों ने कहा कि इस साल की यात्रा शुरू होने के बाद से 3.70 लाख से ज़्यादा तीर्थयात्री अमरनाथ गुफा मंदिर में दर्शन कर चुके हैं. प्रशासन ने तीर्थयात्रियों को मौसम की ऑफिशियल एडवाइजरी मानने और यात्रा फिर से शुरू होने के बारे में आगे की घोषणाओं का इंतजार करने की सलाह दी है। 

कब से कब तक होती है अमरनाथ यात्रा
हर साल अमरनाथ यात्रा सावन मास के आसपास शुरू होती है. इस बार यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई है और 28 अगस्त तक चलेगी. यात्रा जम्मू-कश्मीर में पहलगाम या बालटाल से शुरू होकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक जाती है. यात्रा के लिए पहलगाम और बालटाल मार्ग से जाया जा सकता है. पहलगाम मार्ग थोड़ा लंबा है जबकि बालटाल मार्ग छोटा लेकिन कठिन है। 

खराब मौसम के चलते NH-44 बाधित होने कारण फिलहाल अमरनाथ यात्रा को रोका गया है. उम्मीद है कि जल्द मौसम के दुरुस्त होने के साथ यात्रा शुरू होगी। 

 

#Amarnath Yatra

Source : Agency

आपकी राय

13 + 2 =

पाठको की राय