भारत-वियतनाम सांस्कृतिक संबंधों को मिलेगा नया आयाम, बौद्ध विरासत स्थलों के भ्रमण पर विशेष फोकस
पटना
वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम अपने तीन दिवसीय भारत दौरे पर मंगलवार सुबह गया अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे। यहां बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल के विशेष इंतजाम किए गए थे।
बोधगया पहुंचकर महाबोधि मंदिर में किया दर्शन
एयरपोर्ट से राष्ट्रपति सड़क मार्ग से बोधगया पहुंचे और सीधे महाबोधी मंदिर गए। वहां उन्होंने भगवान बुद्ध के दर्शन किए और विधिवत पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रही। राष्ट्रपति तो लाम के साथ वियतनाम का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी मौजूद रहा। उन्होंने महाबोधि मंदिर परिसर में कुछ समय ध्यान किया और बौद्ध परंपराओं के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त की। वियतनाम में भी भगवान बुद्ध के प्रति विशेष श्रद्धा होने के कारण बोधगया का खास धार्मिक महत्व है
आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और विरासत की नगरी गयाजी आगमन पर वियतनाम के माननीय राष्ट्रपति टो लाम जी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया।
यह ऐतिहासिक आगमन निश्चित ही हमारे भारत-वियतनाम के प्रगाढ़ संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा।
प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
राष्ट्रपति के दौरे को लेकर गया जिला प्रशासन कई दिनों से तैयारी में जुटा था। एयरपोर्ट से लेकर महाबोधि मंदिर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह पुलिस बल, मजिस्ट्रेट और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई थी, जबकि मंदिर में प्रवेश करने वाले श्रद्धालुओं की सघन जांच की गई। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रपति बोधगया के विभिन्न बौद्ध स्थलों का भ्रमण करेंगे। उनके दौरे को लेकर शहर में साफ-सफाई, ट्रैफिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को दुरुस्त किया गया है। विदेशी प्रतिनिधिमंडल के स्वागत के लिए भी विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
भारत-वियतनाम संबंधों को मिलेगा बल
वियतनाम के राष्ट्रपति के दौरे को बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताया। इस दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार चौधरी समेत कई लोग मौजूद रहे। यह दौरा भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक व धार्मिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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