Sunday, August 2nd, 2026

NPCI का बड़ा फैसला, UPI ट्रांजैक्शन में बढ़ेगी प्राइवेसी; अब पूरा मोबाइल नंबर नहीं होगा दिखाई

मुंबई 

 डिजिटल पेमेंट करने वालों के लिए बड़ी खबर है। दरअसल NPCI आपके डिजिटल डेटा और प्राइवेसी को लेकर बड़ा कदम उठा सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार भारत में डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून को लागू करने के लिए NPCI प्रमुख UPI ऐप्स और बैंकों के साथ बातचीत कर रहा है। यहां NPCI का मकसद ग्राहकों के मोबाइल नंबर और निजी जानकारी को सुरक्षित रखना है, ताकि उसका किसी भी तरह से गलत इस्तेमाल ना हो सके।

यहां गौर करने वाली बात है कि NPCI पहले ही पेमेंट ऐप्स को लोगों के मोबाइल नंबर छिपाने के निर्देश जारी कर चुका है। ऐसे में किसी अनजान शख्स को पेमेंट करने वाले का पूरा नंबर नहीं दिखेगा।

क्यों हुआ बदलाव

    UPI पेमेंट के लिए आमतौर पर मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल मुख्य रूप से किया जाता है। ऐसा सुरक्षा की दृष्टि से होता है, लेकिन प्राइवेसी के लिए यह बड़ा जोखिम भी बनता है।

    इसे लेकर सोशस मीडिा पर कई महिला यूजर्स द्वारा पहचान और सुरक्षा से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज कराई गई थीं।

    यही वजह है कि NPCI डेटा प्रोटेक्शन कानून के तहत मोबाइल नंबर और पूरे नाम जैसी जानकारियों को सुरक्षित रखने पर जोर दे रहा है।

नहीं दिखेगा पूरा फोन नंबर
    मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, NPCI पेमेंट ऐप्स को ग्राहकों के फोन नंबर छिपाने के आदेश जारी कर चुका है।

    इसके बाद किसी भी ट्रांजेक्शन के दौरान यूजर का पूरा मोबाइल नंबर अनजान शख्स को नहीं दिखेगा।

    इससे यूजर्स की प्राइवेसी काफी हद तक मजबूत होगी और साइबर फ्रॉड या नंबर के मिसयूज जैसी घटनाओं पर भी आसानी से लगाम लगाई जा सकेगी।​

लोगों को इससे क्या फायदा?
    NPCI फिलहाल सभी बड़े बैंकों और गूगल पे, फोनपे जैसे यूपीआई ऐप्स के साथ मिलकर मजबूत सिस्टम बना रहा है।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक(REF.) नए सुरक्षित और प्राइवेट सिस्टम में किसी तरह की खामी ना रहे इसके लिए हर भागीदार की जिम्मेदारी को स्पष्ट किया जा रहा है।

    इससे आम लोगों को फायदा यह होगा कि भविष्य में होने वाली UPI या डिजिटल पेमेंट्स ज्यादा सुरक्षित और प्राइवेट हो जाएंगी।

    किसी को खासकर महिलाओं को अपना नंबर के अनजान लोगों तक पहुंचने का डर नहीं रहेगा।

 

#UPI

Source : Agency

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