खेल में चमके तो परीक्षा में फायदा, यूपी बोर्ड देगा बोनस अंक
लखनऊ
अब खेल के मैदान में जीते गए पदक बोर्ड परीक्षा के अंकों में भी दिखाई दे सकते हैं। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने खिलाड़ी विद्यार्थियों को खेल उपलब्धियों के आधार पर अधिकतम 20 बोनस अंक देने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। स्वीकृति मिलते ही अगले सत्र से हाईस्कूल और इंटर के हजारों खिलाड़ियों को इसका लाभ मिलेगा। इससे खेल और पढ़ाई, दोनों में बेहतर प्रदर्शन के लिए विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ेगा।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने शासन को भेजे प्रस्ताव में परिषद के विनियमों में संशोधन की संस्तुति की है। शासन ने परिषद से बोनस अंक देने के लिए स्पष्ट कानूनी आधार सहित प्रस्ताव मांगा था। इसके बाद परिषद ने इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 की धारा के तहत नया विनियम जोड़ने का प्रस्ताव तैयार किया है।
परिषद के अनुसार, मौजूदा विनियमों में खिलाड़ी परीक्षार्थियों को बोनस अंक देने का कोई प्रविधान नहीं है, इसलिए संशोधन आवश्यक है। प्रस्ताव के अनुसार राज्य स्तर की प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय या तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पांच बोनस अंक मिलेंगे।
राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेने पर सात अंक और पदक जीतने पर 10 अंक दिए जाएंगे। इसी तरह अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने पर 15 व पदक जीतने पर 20 बोनस अंक देने का प्रविधान किया गया है।
यह सुविधा केवल उन्हीं विद्यार्थियों को मिलेगी, जिन्होंने परीक्षा वर्ष की 31 जनवरी तक संबंधित राज्य, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता का प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया हो।
कक्षा नौ और 11 में प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः अगले वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में इसका लाभ मिलेगा। कंपार्टमेंट परीक्षा में शामिल होने वाले विद्यार्थी इस सुविधा के पात्र नहीं होंगे।
केवल एक ही खेल प्रमाणपत्र पर मिलेगा बोनस अंक
एक विद्यार्थी को केवल एक ही खेल प्रमाणपत्र के आधार पर बोनस अंक मिलेगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास एक से अधिक प्रमाणपत्र होंगे तो अधिकतम अंक दिलाने वाला प्रमाणपत्र ही मान्य होगा।
केवल उन्हीं राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं को मान्यता मिलेगी, जिनका आयोजन माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल गेम्स फेडरेशन आफ इंडिया (एसजीएफआइ) की राज्य इकाई के माध्यम से किया गया हो। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी केवल एसजीएफआइ से संबंधित प्रतियोगिताएं ही मान्य होंगी।
हाईस्कूल के विद्यार्थियों को दिए गए बोनस अंक उनके अंकपत्र में अलग से दर्शाए जाएंगे, जबकि इंटरमीडिएट में बोनस अंक कुल प्राप्तांक में जोड़े जाएंगे। हालांकि बोनस अंक जोड़ने के बाद भी कुल प्राप्तांक पूर्णांक से अधिक नहीं हो सकेगा।
बोनस अंक का लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। खेल प्रमाणपत्रों की सत्यता की जांच राज्य विद्यालयी क्रीड़ा संस्थान, अयोध्या से संबंधित जिला विद्यालय निरीक्षक कराएंगे। प्रमाणपत्र सही पाए जाने पर जिला विद्यालय निरीक्षक आवेदन सत्यापित कर संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय को भेजेंगे।

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