तीसरी आंख की पैनी नजर: वैष्णो देवी यात्रा सुरक्षा के लिए श्राइन बोर्ड का मास्टर प्लान, 700 कैमरों से कवर होगा मार्ग
जम्मू
नए साल 2026 के स्वागत के लिए लाखों श्रद्धालु माता वैष्णो देवी के दरबार में हाजिरी लगाने की तैयारी कर रहे हैं। भारी भीड़ की संभावना को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं। कटरा बेस कैंप से लेकर भवन तक पूरे 13 किलोमीटर के ट्रैक को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
पूरी यात्रा मार्ग पर लगभग 700 सीसीटीवी कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। इनका नियंत्रण कक्ष सीधे कटरा स्थित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़ा है। संवेदनशील इलाकों की जांच के लिए विशेष प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और एंटी-सबोटेज टीमों को तैनात किया गया है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ (CRPF) और श्राइन बोर्ड के सुरक्षाकर्मी मल्टी-टियर सिक्योरिटी ग्रिड के तहत दिन-रात पेट्रोलिंग कर रहे हैं। बिना वैलिड RFID कार्ड के किसी भी यात्री को बाणगंगा से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए इस बार कार्ड की 24 घंटे की समय सीमा (Time Limit) भी तय की गई है।
भीड़ प्रबंधन के लिए नए नियम
श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे दर्शन के तुरंत बाद वापस कटरा की ओर प्रस्थान करें ताकि भवन क्षेत्र में भीड़ जमा न हो। इसके अलावा, क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद पहुंचाई जा सके। अपनी यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन जरूर कराएं और आरएफआईडी (RFID) कार्ड अपने पास संभाल कर रखें।
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