मोदी–पुतिन मुलाकात में कश्मीर की खुशबू, केसर के तोहफे से किसानों के सपनों को मिला नया संबल
अनंतनाग
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक दर्शाने वाले विशेष तोहफे भेंट किए। इन उपहारों में कश्मीर का मशहूर केसर और भगवद्गीता का रूसी संस्करण शामिल रहा। यह उपहार न केवल भारत की कला, आध्यात्मिकता और परंपरा को दर्शाते हैं बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करते हैं। कश्मीर के बुरहान दीन ने आईएएनएस से बातचीत में इस कदम पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कश्मीरी केसर उपहार में दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जम्मू-कश्मीर के लोगों से विशेष लगाव है। वह चाहें तो कोई कीमती वस्तु भेंट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कश्मीर की पहचान केसर को चुना। यह हमारे लिए सम्मान की बात है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे केसर की पैदावार बढ़ाएं, क्योंकि अब यह दुनिया के शीर्ष नेताओं तक पहुंच चुका है।
सामाजिक कार्यकर्ता सईद अख्तर हुसैन ने कहा कि कश्मीर की हर वस्तु अनमोल है और उसी अनमोलता का प्रतीक यहां का केसर है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीरी केसर को विश्व पटल पर और प्रख्यात कर दिया है। यदि किसान इसकी खेती को बढ़ावा दें तो यह वैश्विक स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी। जम्मू-कश्मीर में केसर की सबसे अधिक पैदावार होती है और प्रधानमंत्री द्वारा इसका चयन करना हमारे लिए गर्व की बात है।
कश्मीर घूमने आए पर्यटकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। एक पर्यटक ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट करने से हमारी जिज्ञासा और बढ़ गई है। हम यहां का असली केसर खरीदकर अपने साथ ले जाना चाहते हैं। यहां के किसान मेहनती हैं और केसर की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। कश्मीर बेहद खूबसूरत है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं।
#The Modi-Putin meeting had a touch of Kashmir

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