Tuesday, April 21st, 2026

224 राजस्वकर्मियों का निलंबन रद्द, सम्राट सरकार ने विजय सिन्हा के फैसले को पलटा, कामकाज पटरी पर लौटने की संभावना

पटना
 बिहार सरकार ने राजस्व कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार ने पूर्व में लिए गए सख्त फैसले को पलटते हुए 200 से अधिक राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को खत्म करने का निर्देश दिया है. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मियों की बहाली की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है. बताया जा रहा है कि इससे पहले यह कार्रवाई तत्कालीन फैसलों के तहत की गई थी, जिसे अब बदल दिया गया है। 

विजय सिन्हा के समय हुई थी सख्त कार्रवाई
सम्राट चौधरी सरकार ने हड़ताल के दौरान निलंबित 224 से ज्यादा कर्मियों का सस्पेंशन रद्द कर दिया है. यह फैसला पूर्व उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा के सख्त आदेश को पलटते हुए लिया गया है. बता दें कि बीते 11 फरवरी 2026 से राजस्व कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे. तब विजय कुमार सिन्हा राजस्व मंत्री और उपमुख्यमंत्री थे. उन्होंने हड़ताल को अनुशासनहीनता मानते हुए अलग-अलग आदेश जारी कर 224 कर्मियों को निलंबित कर दिया था. 9 मार्च से अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी भी हड़ताल पर थे. उनके खिलाफ भी 45 से ज्यादा सस्पेंशन हुए. अब सम्राट सरकार ने इनमें से कर्मचारियों का निलंबन वापस ले लिया है। 

जनगणना और जनता का काम अटका था
दरअसल, ढाई महीने से हड़ताल और निलंबन के चलते अंचलों में जमीन संबंधी काम पूरी तरह ठप हो गए थे. दाखिल-खारिज, नामांतरण, जनगणना जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे. विभाग ने इसे ध्यान में रखते हुए फिलहाल कर्मचारियों को काम पर वापस बुलाने का फैसला किया. पत्र में साफ कहा गया है कि 11 फरवरी से 19 अप्रैल तक निलंबित सभी कर्मियों का सस्पेंशन रद्द किया जाए। 

कर्मचारियों की मांगें क्या थीं?
यहां यह भी बता दें कि बिहार राज्य भूमि सुधार कर्मचारी संघ (संयुक्त संघर्ष मोर्चा) के बैनर तले कर्मचारी हड़ताल पर गए थे. उनकी मुख्य मांगें थीं- ग्रेड पे बढ़ाना, गृह जिले में तबादला, दाखिल-खारिज प्रक्रिया में सुधार और दफ्तरों में बुनियादी सुविधाएं. लेकिन काम काज में बाधा को आधार बनाते हुए तब सरकार नेसख्त कदम उठाते हुए कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था. लेकिन, सरकार बदलने के साथ ही अब निलंबन रद्द कर उन्हें काम पर लौटने का रास्ता साफ कर दिया है. हालांकि सीओ और आरओ के सस्पेंशन पर अभी अलग से विचार चल रहा है। 

सम्राट सरकार का संदेश
दरअसल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में नई सरकार ने प्रशासनिक कामकाज को तेज करने का संकल्प लिया है. विजय कुमार सिन्हा के समय लिए गए सख्त फैसले को पलटना इसी दिशा का पहला बड़ा कदम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक जनगणना के काम को समय पर पूरा करने और आम लोगों को सुविधा देने के लिए यह राहत जरूरी थी. कई कर्मचारी अब काम पर लौटने को तैयार हैं। 

अभी भी कुछ पेंच बाकी
हालांकि, हड़ताल पूरी तरह खत्म नहीं हुई है, क्योंकि कुछ सीओ और आरओ अभी भी डटे हुए हैं. विभाग ने पहले उन्हें कई बार चेतावनी दी थी, और अब कर्मचारियों की निलंबन वापसी के बाद अधिकारियों पर भी दबाव बढ़ गया है. सरकार का कहना है कि काम पर लौटने वालों को कोई दिक्कत नहीं होगी. लेकिन अनुशासन भंग करने वालों पर नजर रखी जाएगी। 

जनता को मिलेगी सुविधा
बहरहाल, राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को रद्द करने का फैसला यह दिखाता है कि नई सरकार टकराव के बजाय समाधान के रास्ते पर चलना चाहती है. अब सरकार के इस फैसले से अंचल स्तर पर जमीन के काम फिर से शुरू हो सकेंगे. आम नागरिकों को दाखिल-खारिज, प्रमाण-पत्र और अन्य सेवाएं समय पर मिलने लगेंगी। 

 

#samrat

Source : Agency

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