Saturday, April 18th, 2026

उपसरपंच को आदिवासी महिला से शादी की सजा, नाराज़ गांवों की पंचायत ने ₹1.30 लाख का जुर्माना लगाया

छिंदवाड़ा

 छिंदवाड़ा जिले में अपनी पसंद से शादी करना उपसरपंच को महंगा पड़ गया। दस गावों की पंचायत ने उस पर सवा लाख का जुर्माना लगा दिया है।जानकारी के मुताबिक हर्रई ब्लॉक के सालढाना गांव के उपसरपंच उरदलाल यादव ने एक आदिवासी युवती पंचवती उईके से कोर्ट मैरिज कर ली, और बस... इलाके के 'ठेकेदारों' को यह रास नहीं आया। नतीजा? दस गांवों के सरपंचों ने मिलकर पंचायत बिठाई और फरमान जारी कर दिया - 1.30 लाख का हर्जाना दो, नहीं तो समाज से बाहर!

पंचायत बनी 'अदालत', प्यार बना 'गुनाह'
सितंबर 2024 में सालढाना समेत 10 गांवों के सरपंच एकजुट हुए। उनकी 'अदालत' बैठी और 'गुनाह' तय हुआ - एक गैर-आदिवासी का आदिवासी महिला से विवाह। सजा भी तुरंत सुना दी गई - मोटा जुर्माना और सामाजिक बहिष्कार का खौफ।

एक साल बीता, दर्द अब भी ताजा
शादी को सालभर हो गया, लेकिन पंचायत का 'इंसाफ' अभी बाकी है। एक साल बीतने के बाद भी जब उपसरपंच ने जर्माना राशि अदा नहीं की तो पंचायत की तरफ से ही बिरजू पिता जहरलाल जनसुनवाई में पहुंच गए और प्रशासन से गुहार लगाई - हुजूर, हमारा जुर्माना वसूल करवाओ! जनसुनवाई में अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझा है और जांच के आदेश दे दिए हैं। सूत्रों की मानें तो अगर पंचायत का यह आदेश गैरकानूनी निकला, तो सरपंचों पर गाज गिरना तय है।

किसने क्या कहा
सालढ़ाना पंचायत के सरपंच पति सुरेंद्र ने बताया कि दस गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से ये फैसला सुनाया था, जिसकी जुर्माना राशि अभी तक नहीं मिल सकी है। उपसरपंच उरदलाल पिता हंसराज ने बताया कि मैंने आदिवासी महिला से विवाह किया था। दोनों की मर्जी थी। मैं जुर्माने की राशि देने की स्थिति में नहीं हूं।   

 

 

#married

Source : Agency

आपकी राय

1 + 2 =

पाठको की राय