Friday, April 17th, 2026

केंद्र सरकार ने कहा- मणिपुर को अलग करने की थी खालिस्तानी पन्नू की मंशा, भड़काए ईसाई और मुसलमान

नई दिल्ली
खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस पर 5 साल के बैन को दिल्ली हाई कोर्ट के ट्राइब्यूनल ने मंजूरी दे दी है। इस उग्रवादी संगठन पर होम मिनिस्ट्री ने बैन लगाया था, जिसे ट्राइब्यूनल ने सही माना है। ट्राइब्यूनल के समक्ष सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कुछ तथ्य भी पेश किए हैं, जिनमें सिख्स फॉर जस्टिस को लेकर कहा गया कि उसने मणिपुर में ईसाई समुदाय के लोगों को भड़काया कि वे भारत से अलग हो जाएं। केंद्र सरकार ने कहा कि सिख्स फॉर जस्टिस ने पंजाब को खालिस्तान के रूप में अलग देश बनाने की वकालत की तो वहीं मुसलमानों, तमिलों और मणिपुर के ईसाइयों को देश से अलग होने के लिए उकसाया।

इसके अलावा आरोप है कि सिख्स फॉर जस्टिस ने पीएम नरेंद्र मोदी, होम मिनिस्टर अमित शाह, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को भी धमकी दी। यह जानकारी ट्राइब्यूनल के ऑर्डर में दी गई है, जिसे सरकार ने गजट नोटिफिकेशन के तौर पर प्रस्तुत कराया है। खुफिया एजेंसियों की ओर से तैयार नोट में कहा गया कि सिख्स फॉर जस्टिस ने भारत विरोधी एजेंडे को बढ़ाया है। उसने भारत के खिलाफ हिंसा की कोशिशें की हैं और पंजाब के लोगों को उकसाने के अलावा उसने मुसलमानों और ईसाइयों को लेकर भी विवादित बयान दिए हैं। उसने तमिलों को उकसाते हुए द्रविड़िस्तान की मांग करने की बात कही। इसके अलावा मुसलमानों के लिए उर्दूस्थान की भी मांग की। इस तरह उसने अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न के फर्जी प्रोपेगेंडे के नाम पर देश के टुकड़े करने वाली बातें की हैं।

यही नहीं इस संगठन ने दलितों को भी उकसाया और कहा कि भारत की सरकार उनका उत्पीड़न कर रही है। इसलिए उन्हें अलग देश की मांग का समर्थन करना चाहिए। केंद्र सरकार का कहना है कि इस संगठन ने पंजाब और हरियाणा के किसानों को कृषि बिलों के खिलाफ भड़काने की भी कोशिश की थी। इसके अलावा हिंसा प्रभावित मणिपुर में भी सिख्स फॉर जस्टिस की नापाक कोशिशों की बात सामने आई है।

सिख्स फॉर जस्टिस ने ईसाइयों और मुसलमानों को यहां उकसाया था। उसने कुकी समाज के लोगों को उकसाया, जिनमें ज्यादातर लोग ईसाई हैं। इसके अलावा मैतेई समुदाय के उन लोगों को भी उकसाया, जो मुस्लिम हैं। इन्हें पंगल कहा जाता है। बता दें कि सिख्स फॉर जस्टिस पर जुलाई 2020 में बैन लगाया गया था। इसके अलावा सरगना गुरपतवंत सिंह पन्नू को भी आतंकी घोषित किया गया था। अब उस बैन को 5 और सालों के लिए बढ़ा दिया गया है।

 

#Delhi High Court

Source : Agency

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