Wednesday, April 22nd, 2026

परिवार वाले को उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर सरेंडर करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार की राशि दी जाएगी

रायपुर
छत्तीसगढ़ को मार्च 2026 तक नक्सलमुक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने नक्सल आत्मसमर्पण नीति 2025 घोषित की है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जमीन व आवास के साथ ही स्वचलित हथियारों के लिए पांच लाख तक की राशि दी जाएगी। नक्सलियों के स्वजन को उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने पर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को 50-50 हजार की राशि दी जाएगी। नक्सली के विरुद्ध घोषित इनामी राशि का 10 प्रतिशत अथवा अधिकतम पांच लाख रुपये आत्मसमर्पण में मदद कराने वाले पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को वितरित किया जाएगा। नक्सली संगठन की 60% से अधिक इकाई के सामूहिक आत्मसमर्पण पर यह राशि दोगुनी हो जाएगी। ग्राम पंचायत क्षेत्र के सभी नक्सली सदस्यों के आत्मसमर्पण पर उस क्षेत्र को नक्सल-मुक्त घोषित कर चार करोड़ रुपये के विकास कार्यों की स्वीकृति मिलेगी।

‘एलवद पंचायत अभियान’ के अंतर्गत ग्राम पंचायतें व ग्रामीण नक्सलियों के आत्मसमर्पण में मदद करेंगे। उन्हें भी प्रोत्साहन राशि के प्रविधान हैं। नीति में नक्सलियों के बच्चों की शिक्षा के लिए भी विशेष प्रविधान किए गए हैं। इनका लाभ स्थानीय और दूसरे राज्यों के आत्मसमर्पित नक्सलियों को भी मिलेगा। सरकार का मानना है कि हिंसा अधिक न हो व भटके नक्सली समाज की मुख्यधारा से जुड़ जाएं।

नक्सलवाद के खात्मे के लिए ये प्रोत्साहन
पांच किलोग्राम या अधिक की आईईडी बरामद कराने पर 15,000 रुपये, 10 किग्रा. या अधिक पर 25,000 रुपये दिए जाएंगे। बड़े डंप (हथियार निर्माण इकाई, विस्फोटक, आदि) की बरामदगी पर ₹एक लाख मिलेंगे। अविवाहित, विधवा या विधुर नक्सलियों को तीन साल के भीतर विवाह के लिए एक लाख रुपये दिए जाएंगे। पांच लाख रुपये या अधिक के इनामी नक्सली को शहरी क्षेत्र में 1742 वर्गफुट भूमि या ग्रामीण क्षेत्र में एक हेक्टेयर कृषि भूमि या ₹दो लाख की संपत्ति सहायता मिलेगी।

 

Source : Agency

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