Saturday, April 25th, 2026

सुक्खू का आरोप: केंद्र ने 1500 करोड़ रोक रखे, सीमेंट दाम और कर्मचारी वेतन पर सरकार का सख्त रुख

शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आपदा के समय हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की घोषणा की थी, लेकिन अब तक पैसा नहीं मिला है। ओक ओवर में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा बताए कि यह पैसा हिमाचल को कब मिलेगा। प्रदेश को आपदा से उबरने के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। प्रदेश गंभीर प्राकृतिक आपदा व बाढ़ से हुए नुकसान का सामना कर रहा है। प्रदेश सरकार ने अपने संसाधनों से जहां तक संभव था, आपदा प्रभावितों की हरसंभव मदद की। इस तरह की परिस्थितियों में केंद्र सरकार को वित्तीय सहायता देने का काम करना चाहिए।

सीमेंट दाम पर भी दी प्रतिक्रिया
सीमेंट दाम और जीएसटी पर सरकार का पक्ष रखते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सीमेंट पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाया है। बढ़ते दामों को लेकर विपक्ष केवल राजनीति कर रहा है। उन्होंने कहा कि जीएसटी से सबसे अधिक नुकसान हिमाचल जैसे छोटे राज्यों को हुआ है। जीएसटी स्लैब कम किए जाने से राज्य को सालाना एक हजार करोड़ का नुकसान होगा। पहले केंद्र सरकार ने जीएसटी मुआवजा धनराशि बंद की और उसके बाद जीएसटी दरों को संशोधित किया। जिसका परिणाम ये निकला कि प्रदेश को सर्वाधिक नुकसान हो रहा है।

लंदन दौरे पर विपक्ष को दिया जवाब, मैं एक बेटी का पिता भी हूं
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने निजी लंदन दौरे को लेकर विपक्ष की आलोचना पर जवाब देते हुए कहा कि यह दौरा पूरी तरह निजी था। मैं अपनी बेटी का एडमिशन कराने गया था। इस दौरान सरकार का एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ। मैं एक बेटी का पिता भी हूं और मेरी पारिवारिक जिम्मेदारियां है।

बिना मुख्यमंत्री की अनुमति कोई विदेशी दौरा संभव ही नहीं हो सकता
उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री डा. धनीराम शांडिल के विदेश दौरे पर उठ रहे सवालों का भी जवाब दिया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि जिस अधिसूचना को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उस पर किसी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना मुख्यमंत्री की अनुमति कोई विदेशी दौरा संभव ही नहीं हो सकता। प्रदेश में पुलिस महानिदेशक की नियमित नियुक्ति को लेकर पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने हंसते हुए कहा कि अभी उनका ट्रायल टाइम चल रहा है।

कर्मचारियों को समय पर वेतन में देरी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्वीकार किया कि राज्य इस समय आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले चार से पांच महीनों तक राज्य पर्यटन विकास निगम और राज्य पथ परिवहन निगम कर्मचारियों को वेतन मिलने में देरी हो सकती है। हालांकि सरकार पेंशन और वेतन समय पर देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने वित्तीय संकट का ठीकरा पिछली भाजपा सरकार पर फोड़ा और कहा कि पूर्ववर्ती सरकार की गलत नीतियों के कारण मौजूदा स्थिति बनी। इसके बावजूद राज्य सरकार आपदा प्रभावितों तक राहत पहुंचाने का काम जारी रखेगी।

 

 

#Sukhu alleges

Source : Agency

आपकी राय

15 + 7 =

पाठको की राय