Monday, July 27th, 2026

बिजली दुर्घटनाएं रोकने को झारखंड निगम ने कड़े निर्देश जारी किए

रांची
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने बिजली से होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और उपभोक्ताओं को सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं।

रांची विद्युत आपूर्ति क्षेत्र के महाप्रबंधक-सह-मुख्य अभियंता मनमोहन कुमार ने आदेश जारी कर रांची और गुमला विद्युत आपूर्ति सर्किल के सभी अधीक्षण अभियंताओं, कार्यपालक अभियंताओं एवं सहायक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि नए कनेक्शन के दौरान चाइनिज तार से कनेक्शन लेने वाले पर जांच के दौरान कार्रवाई की जाएगी।

वहीं आदेश में कहा गया है कि प्रत्येक नए एलटी कनेक्शन में उपयुक्त क्षमता का एमसीबी तथा आरसीसीबी लगाया जाएगा। इससे ओवरलोड, शॉर्ट सर्किट, अर्थ लीकेज और करंट लगने जैसी दुर्घटनाओं से बचाव सुनिश्चित होगा। किसी भी उपभोक्ता को सुरक्षा उपकरणों के बिना नया बिजली कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा।

केवल आईएसआई मार्क वाले तारों का होगा उपयोग
जेबीवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि बिजली कनेक्शन देने के लिए केवल आइएसआइ प्रमाणित एवं निर्धारित गुणवत्ता वाले सर्विस वायर का ही उपयोग किया जाएगा। घटिया गुणवत्ता अथवा कम क्षमता वाले तारों का इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। निगम का मानना है कि निम्न गुणवत्ता के तार बिजली दुर्घटनाओं और आग लगने की प्रमुख वजह बनते हैं।

स्वीकृत लोड के अनुसार ही लगेगा सर्विस वायर
निर्देश में कहा गया है कि उपभोक्ता के स्वीकृत लोड के अनुसार ही सर्विस वायर की क्षमता तय की जाएगी। इससे तारों के गर्म होने, वोल्टेज ड्रॉप और आग लगने जैसी घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सकेगा। यदि उपभोक्ता को अधिक बिजली की आवश्यकता है तो पहले स्वीकृत लोड बढ़वाना होगा।

दूसरे मकान या दुकान तक बिजली देना प्रतिबंधित
जेबीवीएनएल ने स्पष्ट किया है कि किसी एक परिसर के लिए स्वीकृत बिजली कनेक्शन का उपयोग केवल उसी परिसर में किया जा सकेगा। उसी कनेक्शन से दूसरे मकान, दुकान, प्लॉट या भवन तक बिजली पहुंचाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि एक से अधिक परिसरों में बिजली चाहिए तो प्रत्येक परिसर के लिए अलग बिजली कनेक्शन लेना होगा।

घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग नहीं
निगम ने यह भी कहा है कि उपभोक्ता बिजली का उपयोग केवल उसी उद्देश्य के लिए करेंगे, जिस श्रेणी का कनेक्शन स्वीकृत किया गया है। घरेलू कनेक्शन का व्यावसायिक उपयोग अथवा बिना अनुमति श्रेणी बदलकर बिजली उपयोग करना नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई होगी।

ओवरलोड और असुरक्षित वायरिंग पर विशेष निगरानी
आदेश में कहा गया है कि उपभोक्ताओं को स्वीकृत लोड के भीतर ही बिजली का उपयोग करना होगा। अतिरिक्त लोड की आवश्यकता होने पर पहले JBVNL से लोड वृद्धि की स्वीकृति लेनी होगी। वहीं जिन भवनों की वायरिंग मानकों के अनुरूप नहीं होगी या जहां ढीले एवं असुरक्षित तार पाए जाएंगे, वहां नया सेवा कनेक्शन देने से बचने का निर्देश दिया गया है।

निरीक्षण अभियान चलेगा, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
महाप्रबंधक-सह-मुख्य अभियंता ने सभी फील्ड अधिकारियों को नियमित निरीक्षण अभियान चलाने, नए कनेक्शन, मीटर इंस्टॉलेशन और रखरखाव के दौरान सुरक्षा मानकों का सत्यापन करने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

साथ ही स्पष्ट किया गया है कि विद्युत अधिनियम-2003, झारखंड राज्य विद्युत विनियामक आयोग (JSERC) सप्लाई कोड और JBVNL के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश में यह भी कहा गया है कि इस मामले में किसी भी प्रकार की ढिलाई को गंभीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

#electrical safety

Source : Agency

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