Friday, April 17th, 2026

2000 कॉल और 50 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, EOU की जांच तेज

किशनगंज

बिहार के किशनगंज में तैनात रहे निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार और लाइन हाजिर किए गए थानेदार अभिषेक कुमार रंजन की जोड़ी पर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। सूत्रों के अनुसार, दोनों अधिकारियों के बीच तालमेल इतना मजबूत था कि अवैध वसूली से लेकर उसके बंटवारे तक एक संगठित तंत्र के तहत काम किया जाता था। ईओयू की जांच में यह भी सामने आया है कि कई संपत्तियां बेनामी हो सकती हैं और इन्हें छिपाने के लिए तीसरे पक्ष के नाम का इस्तेमाल किया गया। डिजिटल साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रांजेक्शन की गहन पड़ताल की जा रही है।

जांच में सामने आया है कि दोनों अधिकारियों ने बालू, पशु, लॉटरी, कोयला और तथाकथित ‘एंट्री’ माफिया से साठगांठ कर करोड़ों रुपये की अवैध कमाई की। इन अवैध गतिविधियों के जरिए न केवल नियमित उगाही की जाती थी, बल्कि क्षेत्र में संचालित विभिन्न गैर कानूनी धंधों को संरक्षण भी दिया जाता था। ईओयू के अनुसार दोनों घूसखोर पुलिस अधिकारी के बीच बीते तीन महीने में 2000 बार मोबाइल कॉल पर बातचीत हुई है।आर्थिक अपराध इकाई का कहना है कि यह जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं।

बेनामी संपत्तियों का सत्यापन कर रही ईओयू
ईओयू को मुजफ्फरपुर के कांटी सहित पश्चिम बंगाल, दिल्ली एनसीआर सहित कई जगहों पर थानाध्यक्ष की नामी-बेनामी संपत्तियां होने की जानकारी मिली है। अलग-अलग टीम के माध्यम से इन संपत्तियों का सत्यापन कराया जा रहा है। सिलीगुड़ी स्थित फ्लैट से लेकर दार्जिलिंग रोड में खरीदी गयी जमीन के भुगतान स्त्रोत आदि को लेकर जांच चल रही है।

थानेदार से ईओयू कार्यालय में बुला कर पूछताछ होगी
आय से अधिक संपत्ति मामले के आरोपित किशनगंज नगर थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार रंजन पर लगे आरोपों को लेकर आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) उनसे पूछताछ करेगी। उनको नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए पटना स्थित ईओयू कार्यालय बुलाया जाएगा। ईओयू सूत्रों के मुताबिक आरोपित थानाध्यक्ष को अगले हफ्ते सोमवार को उपस्थित होने की नोटिस दी जा सकती है। पूछताछ के दौरान उनको अपने पक्ष में बयान व दस्तावेज पेश करने का मौका दिया जाएगा। थानाध्यक्ष पर अपने सेवाकाल में करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियां बनाने का आरोप है।

अभिषेक निलंबित एसडीपीओ का राजदार
किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम कुमार पर दर्ज आय से अधिक संपत्ति मामले की छानबीन के दौरान ही अभिषेक रंजन ईओयू के निशाने पर आये। छानबीन में सामने आया कि अभिषेक निलंबित एसडीपीओ के राजदार हैं। उनका स्थानीय बालू माफिया, एंट्री माफिया, शराब माफिया व तस्करों से गहरे संबंध हैं। उनके व्यापार को प्रश्रय देने के एवज में उनको नियमित रूप से कमीशन की राशि मिलती थी। यह राशि जमीन, मकान सहित अन्य नामी-बेनामी संपत्तियां जमा करने में निवेश की जाती थी।

 

#Corruption

Source : Agency

आपकी राय

13 + 6 =

पाठको की राय