Wednesday, April 29th, 2026

रामेश्वर पासवान: 92 साल की उम्र में हृदयाघात से निधन, अंतिम संस्कार गुरुवार

 सिकंदरा

सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र की राजनीति के मजबूत स्तंभ और सात बार विधायक रहे रामेश्वर पासवान का बुधवार सुबह हृदयाघात से निधन हो गया। 92 वर्षीय पासवान ने पटना स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली।

उनके निधन के साथ ही बिहार की राजनीति में सादगी, सौम्यता और जनसेवा की एक लंबी परंपरा का अंत हो गया। स्वजनों के अनुसार, वे रोज की तरह अपने दैनिक कार्यों के बाद विश्राम कर रहे थे, तभी अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और दिल की धड़कन अनियंत्रित हो गई।

परिवार के लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक उनका निधन हो चुका था। उनके बड़े पुत्र जयप्रकाश पासवान ने बताया कि गुरुवार को जमुई जिले के पैतृक गांव नौआडीह में राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।

जनसेवा और सादगी की मिसाल
रामेश्वर पासवान सात बार सिकंदरा से विधायक चुने गए और उन्होंने समाज कल्याण मंत्री व पीडब्ल्यूडी मंत्री जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

उनका पूरा राजनीतिक जीवन आम लोगों, खासकर गरीबों और किसानों के हितों के लिए समर्पित रहा। वे अपनी सादगी, शालीनता और मिलनसार स्वभाव के लिए जाने जाते थे, जिसने उन्हें हर वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया।

शोक की लहर, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
उनके निधन की खबर मिलते ही सिकंदरा, जमुई और पटना सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। राजनीतिक दलों, बुद्धिजीवियों और आम लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।

सर्वदलीय नेताओं ने उनके योगदान को अविस्मरणीय बताया। स्थानीय लोगों द्वारा शोक सभा आयोजित कर उनके राजनीतिक जीवन और योगदान को याद किया गया।

बताया कि रामेश्वर पासवान हमेशा अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुंचाने के लिए प्रयासरत रहते थे। उनके निधन से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र को अपूरणीय क्षति हुई है। उनकी कमी लंबे समय तक महसूस की जाएगी।

 

#Rameshwar Paswan

Source : Agency

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