Thursday, August 13th, 2026

बजट प्रक्रिया में डिजिटल सिग्नेचर अनिवार्य, अप्रासंगिक योजनाओं को समाप्त करने की कवायद

भोपाल 

मध्यप्रदेश में बजट निर्माण को अधिक परिणामोन्मुख, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई है। वित्तीय वर्ष 2027-28 के बजट के साथ वर्ष 2028-29 और 2029-30 के लिए रोलिंग बजट, जेंडर बजट एवं कृषि बजट की तैयारी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही ग्रीन बजट के निर्माण में सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) और बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों को आधार बनाया जाएगा। बजट से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल सिग्नेचर को अनिवार्य किया गया है।

इस संबंध में वित्तीय अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों के लिए गुरुवार को प्रशासन अकादमी में कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला की थीम “एक पहल—आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के विकास की ओर” रखी गई। कार्यशाला में वर्ष 2027-28 के बजट के साथ आगामी दो वित्तीय वर्षों के रोलिंग बजट की तैयारी, कृषि एवं जेंडर बजट तथा ग्रीन बजट के निर्माण की प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की गई।

कार्यशाला में सचिव वित्त श्री लोकेश कुमार जाटव, आयुक्त कोष एवं लेखा श्री अमनवीर सिंह बैंस, संचालक वित्त श्रीमती हर्षिका सिंह, संचालक कोष एवं लेखा श्री राजीव सक्सेना, उप सचिव वित्त श्री आशीष नंदनवार एवं अपर संचालक कोष एवं लेखा श्री संतोष चोखंदे ने बजट निर्माण की प्रक्रिया, दिशा-निर्देशों और डिजिटल प्रणाली के उपयोग की जानकारी दी।

भारत सरकार के बजट की भावना के अनुरूप होगा 2027-28 का बजट

कार्यशाला में संचालक वित्त श्रीमती हर्षिका सिंह ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2027-28 का बजट भारत सरकार के बजट की भावना के अनुरूप तैयार किया जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि बजट निर्माण में विभागीय योजनाओं की उपयोगिता और परिणामों का आकलन करते हुए संसाधनों का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए। अप्रासंगिक हो चुकी योजनाओं को समाप्त करने की प्रक्रिया भी जारी है, जिससे बजट में आवश्यक एवं परिणाम देने वाली योजनाओं को प्राथमिकता मिल सके।

पांच अंकों के नवीन शीर्षों से आसान होगा बजट प्रबंधन

उप सचिव वित्त श्री आशीष नंदनवार ने जानकारी देते हुए बताया कि बजट प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत शीर्षों एवं पूर्व प्रचलित शीर्षों का संविलियन कर MIS पर क्रियान्वित किए जा सकने वाले पांच अंकों के नवीन शीर्ष निर्मित किए गए हैं। बजट प्रविष्टि में अब निर्धारित नवीन शीर्षों का ही उपयोग किया जाएगा। इस दौरान बजट एंट्री मैनेजमेंट सिस्टम के उपयोग की प्रक्रिया और इससे जुड़ी सावधानियों के बारे में भी अधिकारियों को विस्तार से जानकारी दी गई।

ग्रीन बजट में सतत विकास लक्ष्यों को बनाया जाएगा आधार

ग्रीन बजट तैयार करते समय सतत विकास लक्ष्यों को ध्यान में रखा जाएगा। कार्यशाला में बताया गया कि ग्रीन बजट निर्माण की प्रक्रिया को प्राप्त दिशा-निर्देशों एवं संबंधित विभागीय गतिविधियों से जोड़ा जाना चाहिए, ताकि पर्यावरण संरक्षण, संसाधनों के सतत उपयोग और विकास के बीच बेहतर संतुलन स्थापित किया जा सके।

बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों पर भी रहेगा फोकस

बजट निर्माण में बहुआयामी गरीबी उन्मूलन संकेतकों को भी ध्यान में रखने पर चर्चा हुई। अधिकारियों को बताया गया कि बजट तैयार करते समय विभिन्न सामाजिक एवं आर्थिक संकेतकों के आधार पर उपयुक्त बजट निर्माण उपकरणों का उपयोग किया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लक्षित वर्गों तक पहुंच सके।

कार्यशाला में अधिकारियों को आगामी वर्षों के बजट निर्माण की समयबद्ध प्रक्रिया, डिजिटल प्रणाली, नवीन बजट शीर्षों, रोलिंग बजट तथा कृषि, जेंडर एवं ग्रीन बजट की अवधारणा से अवगत कराया गया। इससे प्रदेश की बजट प्रक्रिया को अधिक डिजिटल, पारदर्शी, परिणामोन्मुख और दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों से जुड़ा बनाने में मदद मिलेगी।

 

 

#Preparations underway

Source : Agency

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