Friday, June 19th, 2026

शैक्षणिक कैलेंडर का कड़ाई से पालन करने के दिए निर्देश

​रायपुर

प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री  टंक राम वर्मा ने नवीन शिक्षा सत्र के शुभारंभ पर राज्य के समस्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों, शैक्षणिक और अशैक्षणिक स्टाफ को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि इस सत्र में शैक्षणिक कैलेंडर का पूर्णतः पालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था अधिक सुदृढ़ और अनुशासित बनेगी।

 उच्च शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, अनुशासित और पारदर्शी बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन, डिजिटल गवर्नेंस के उपयोग, एकीकृत नियामक संस्थाओं के गठन और छात्रों की अनिवार्य उपस्थिति से जुड़े सख्त दिशा-निर्देश शामिल हैंl उन्होंने कहा कि कॉलेज परिसरों में अनुशासन और स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

​विद्यार्थियों की समस्याओं के लिए बनेगा 'हेल्प डेस्क'
     ​

छात्र हित में एक बड़ा कदम उठाते हुए मंत्री  वर्मा ने घोषणा की है कि महाविद्यालय आने वाले समस्त विद्यार्थियों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए 'हेल्प डेस्क' की स्थापना की जाएगी। इससे छात्रों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ेगा और उन्हें तत्काल राहत मिलेगी।

​समय पर प्रवेश लें छात्र, बार-बार नहीं बढ़ेगी तारीख

 ​उच्च शिक्षा मंत्री ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि वे शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार महाविद्यालयों में गुणाक्रम (मेरिट) के आधार पर समय पर प्रवेश लें। उन्होंने कहा कि समय पर प्रवेश होने से प्राविण्य सूची (मेरिट लिस्ट) में आने वाले सभी विद्यार्थियों का एडमिशन निर्धारित समय में पूरा हो सकेगा और पढ़ाई सुचारू रूप से शुरू हो पाएगी। बार-बार प्रवेश की तिथि बढ़ाने की आवश्यकता न पड़े, इसके लिए जरूरी है कि प्रवेश सूची में नाम आने पर कोई भी विद्यार्थी दाखिले से वंचित न रहे।

​NEP 2020 का समयबद्ध क्रियान्वयन

सभी कॉलेजों के शैक्षणिक स्टाफ और विद्यार्थियों की यह जिम्मेदारी होगी कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत पढ़ाई समय पर शुरू हो, पाठ्यक्रम समय पर पूरा हो, और सेमेस्टर व अन्य परीक्षाएं समय पर आयोजित की जाएं। इसके साथ ही शैक्षणिक कैलेंडर की समय-सीमा के भीतर ही परीक्षाओं के परिणाम भी जारी किए जाएंगे। कॉलेज परिसरों में उच्च शैक्षणिक वातावरण के निर्माण के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को सह-शैक्षणिक (Co-curricular) गतिविधियों में शामिल होने के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि वे अपने संपूर्ण व्यक्तित्व का विकास कर संस्था और प्रदेश का नाम रोशन कर सकें।

​युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण का भरोसा

 उच्च शिक्षा मंत्री ने प्रदेश के छात्र-छात्राओं को विश्वास दिलाया कि माननीय मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी की सरकार युवाओं के सुनहरे भविष्य के निर्माण के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आह्वान किया कि हम सबको मिलकर यशस्वी प्रधानमंत्री माननीय  नरेन्द्र मोदी के वर्ष 2047 के 'विकसित भारत' के सपनों को साकार करना है।

 

#Preparations

Source : Agency

आपकी राय

14 + 1 =

पाठको की राय