झारखंड छात्र आंदोलन पर संसद में सियासी घमासान, NDA ने निकाला मार्च; राहुल गांधी बने निशाने पर
नई दिल्ली
संसद के मौजूदा मॉनसून सत्र में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सांसदों ने विपक्ष के रवैये के खिलाफ संसद भवन के मकर द्वार तक मार्च निकाला। सत्ताधारी सांसदों ने इस दौरान नेता विपक्ष राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा। एनडीए सांसदों का आरोप है कि विपक्ष जानबूझकर संसद की कार्यवाही को बाधित कर रहा है और छात्र प्रदर्शन के मुद्दे पर चर्चा से भाग रहा है। इस मार्च से ठीक पहले सत्ता पक्ष के सांसदों ने 'मंगल मिलन' कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई शीर्ष नेता मौजूद रहे।
बता दें कि संसद में जारी गतिरोध समाप्त करने के लिए सरकार ने सोमवार को ही प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर चर्चा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जवाब की पेशकश की थी। हालांकि कांग्रेस ने कहा कि विपक्ष राम मंदिर से चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर चर्चा, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई पर गृह मंत्री के जवाब तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से माफी की अपनी मांगों पर कायम है।
मंगलवार को जब सत्ताधारी दलों ने अपना मार्च निकाला उसी वक्त कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा भी सदन की ओर जा रही थीं। इस दौरान सांसदों ने उनसे भी सवाल किए। हालांकि प्रियंका बिना कुछ कहे आगे बढ़ गईं।
NDA के सांसदों ने विपक्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि वे संसद में चर्चा से भाग रहे हैं। BJP सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा, "झारखंड के युवाओं को न्याय मिलना चाहिए। उन पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया और ज्यादतियां हुईं, उससे राहुल गांधी की सोच का पता चलता है- इससे साफ होता है कि उनके समर्थकों की सरकार वाले राज्य में युवाओं के साथ कैसा बुरा बर्ताव हो रहा है और उन्हें न्याय से कैसे वंचित रखा जा रहा है। फिर भी, दूसरी तरफ, वे खुद तो सदन में आते नहीं, लेकिन गृह मंत्री से जवाब मांगते हैं। गृह मंत्री जवाब देने के लिए तैयार हैं, लेकिन राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सिर्फ सुर्खियों में बने रहने के लिए झूठ फैला रहे हैं और गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहे हैं।" BJP सांसद अरुण गोविल ने कहा, "अब जब हम बहस के लिए तैयार हैं, तो वे इससे भाग रहे हैं। विपक्ष बहुत गैर-ज़िम्मेदाराना व्यवहार कर रहा है।"
विपक्ष का भी जोरदार प्रोटेस्ट
बता दें कि इससे पहले कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष भी पिछले कई दिनों से इसी तरह के मार्च निकाल रहा है। अब सत्ताधारी दल भी उसी राह पर है। एनडीए को झारखंड में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के बाद विपक्ष को घेरने को मौका मिल गया है। झारखंड में JMM के साथ कांग्रेस के गठबंधन की सरकार है। भाजपा सांसद राहुल गांधी से जवाब मांगते हुए सवाल भी कर रहे हैं कि क्या छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद कांग्रेस अपना समर्थन वापस लेगी।
इतना ही नहीं, मंगलवार को भी संसद में NDA के अलावा, कांग्रेस के सांसदों ने भी विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर हुई 'पुलिस कार्रवाई' को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री के खिलाफ विरोध कर रहे हैं।
'मंगल मिलन' में दिखा देशभक्ति का रंग
इससे पहले संसद की लाइब्रेरी बिल्डिंग स्थित जीएमसी बालयोगी ऑडिटोरियम में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक 'मंगल मिलन' बैठक आयोजित की गई। इस दौरान माहौल पूरी तरह से देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत सभी सांसदों के हाथों में तिरंगा था और पूरा हॉल 'वंदे मातरम' तथा 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। इस अहम बैठक में पीएम मोदी के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, किरेन रिजिजू और अर्जुन राम मेघवाल सहित एनडीए के तमाम सांसद उपस्थित रहे।
मकर द्वार तक मार्च और विपक्ष पर सीधा हमला
'मंगल मिलन' बैठक खत्म होने के बाद एनडीए के सांसदों ने संसद के मकर द्वार की ओर अपना मार्च शुरू किया। प्रदर्शन कर रहे सांसदों के हाथों में तख्तियां थीं। सरकार की ओर से यह संदेश स्पष्ट रूप से दिया गया कि गृह मंत्री अमित शाह जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सदन में बयान देने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, लेकिन विपक्षी दल जानबूझकर इस बहस से कन्नी काट रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी को दी नसीहत
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इस गतिरोध को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा तंज कसा। रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी पिछले कई दिनों से गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग कर रहे थे। अब जब गृह मंत्री उनके सभी सवालों का विस्तार से जवाब देने के लिए तैयार बैठे हैं, तो राहुल गांधी को संसद से "भागना" नहीं चाहिए और सदन में रहकर इस चर्चा में शामिल होना चाहिए।

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