Thursday, April 23rd, 2026

वक्फ कानून पर ममता की हरी झंडी से तकरार तेज: मंत्री की नाराज़गी के बाद मुस्लिम समुदाय में उबाल

कोलकाता 
राज्य सरकार द्वारा केंद्र के नए वक्फ संशोधन अधिनियम, 2025 को लागू करने की स्वीकृति देने के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। मंगलवार को टीएमसी सरकार में मंत्री और जामिया उलेमा-ए-हिंद (पश्चिम बंगाल शाखा) के अध्यक्ष सिद्दीकुल्लाह चौधरी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यदि वक्फ की संपत्तियां छीनी गईं, तो मुसलमान चुप नहीं बैठेंगे। सिद्दीकुल्लाह पश्चिम बंगाल के जन शिक्षा विस्तार और पुस्तकालय सेवा मंत्री हैं।
 
कोलकाता में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में चौधरी ने केंद्र पर तीखा हमला बोलते हुए कहा- एसी कमरे में बैठकर बहुत बातें की जा सकती हैं। लेकिन क्या कोई गांव में जाकर लोगों से कह सकता है कि वक्फ संपत्ति अब उनकी नहीं रही? यह फैसला मुसलमानों पर जबरदस्ती थोपा गया है। हम इसे नेक नीयत से उठाया गया कदम नहीं मानते। मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने महीनों तक इस कानून को लागू करने से इनकार किया था, लेकिन पिछले सप्ताह पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र के निर्देश मानते हुए राज्य की 82,000 वक्फ संपत्तियों का विवरण 5 दिसंबर तक केंद्र के पोर्टल पर अपलोड करने का आदेश जारी कर दिया। 

चौधरी ने कहा- राज्य सरकार पहले कुछ और सोच रही थी। अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कुछ और सोच रही होंगी। वक्फ संपत्तियां बेहद महत्वपूर्ण हैं। आगे क्या होगा, हम नहीं जानते, लेकिन लड़ाई लंबी और कठिन होगी।

हमायूं कबीर के बाबरी मस्जिद निर्माण वाले बयान से टीएमसी ने बनाई दूरी
इसी बीच टीएमसी ने अपने बागी विधायक हमायूं कबीर से खुद को अलग कर लिया है। कबीर ने 6 दिसंबर- यानी 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने की बरसी पर मुर्शिदाबाद में मस्जिद की आधारशिला रखने की घोषणा की थी। चौधरी ने कहा कि यह कदम बेहद संवेदनशील है और इससे अवांछित तनाव पैदा हो सकता है। उन्होंने कहा- एक राजनीतिक नेता ने ऐसी बातें कही हैं, जिससे लोगों के मन में कई सवाल उठे हैं। हम कोई भी काम बिना सोचे-समझे नहीं करते। मस्जिद एक पवित्र स्थान है, राजनीति का माध्यम नहीं। उन्होंने इस घोषणा के पीछे षड्यंत्र की आशंका भी जताई- सोशल मीडिया पर जिस तरह इसे प्रस्तुत किया जा रहा है, उससे लगता है कि 6 दिसंबर को बंगाल में कोई बड़ा विस्फोटक माहौल तैयार करने की कोशिश हो रही है। यह मुस्लिम समुदाय के हित में नहीं है। मस्जिद राजनीति के लिए नहीं होती।

राजनीतिक तापमान बढ़ा
वक्फ संशोधन अधिनियम को लेकर राज्य सरकार और केंद्र के बीच महीनों चली खींचतान के बाद टीएमसी के भीतर भी असहमति और सियासी तनाव बढ़ता दिख रहा है। 6 दिसंबर के संवेदनशील दिन के मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियां भी हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।

 

#Mamata Banerjee accepted the Waqf Act

Source : Agency

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