Friday, July 24th, 2026

8th Pay Commission: 7-10 अगस्त की मीटिंग पर सबकी नजर, कर्मचारी और पेंशनर्स के लिए आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली

आठवें वेतन आयोग को लेकर आज 24 जुलाई, शुक्रवार को बड़ी खबर सामने आई है. 8वां केंद्रीय वेतन आयोग एक बार फिर बैठकों का दौर शुरू कर रहा है. आयोग ने राजधानी दिल्‍ली में कर्मचारी संगठनों के साथ मीटिंग की तारीख भी जारी की है. नई दिल्‍ली में 7 और 10 अगस्‍त को कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के साथ बड़ी बैठकें होनी है. इस बैठक में शामिल होने के लिए कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन को क्‍या करना होगा, ये भी आयोग ने बताया है। 

देश के करीब 1.19 करोड़ सरकारी कर्मियों और पेंशनर्स के लिए ये बड़ा अपडेट है जिन्‍हें 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार है. दरअसल पिछले कुछ महीनों में हुई मीटिंग्‍स के बाद पिछले काफी दिनों से कोई सुगबुगाहट नहीं देखी जा रही थी. इस बीच 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन जस्टिस रंजना देसाई को कई राज्‍यों में UCC बोर्ड की भी जिम्‍मेदारी दी गई. ऐसे में कर्मचारी संगठनों को संशय हो रहा था कि कहीं इससे 8वें वेतन आयोग का काम प्रभावित न हो. अब एक बार फिर बैठकों का शेड्यूल जारी होने पर कर्मचारी और पेंशनर वर्ग को राहत मिली है। 

AINPSF के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष डॉ मंजीत सिंह पटेल ने कहा कि पिछले दो हफ्तों से वेतन आयोग से कोई अपडेट नहीं मिल रही थी, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स में चिंता थी कि कहीं कमीशन डिले न हो जाए. हमने भी पिछले हफ्ते ही कमीशन से गुजारिश की थी कि जल्द से जल्द नए शेड्यूल जारी हों ताकि कार्य जल्द से जल्द संपन्न हो. कमीशन के नए आधिकारिक शेड्यूल के लिए हम कर्मचारियों के परिवार की तरफ से हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं और गुजारिश करते हैं कि यथाशीघ्र रिपोर्ट सब्मिट की जाए ताकि लोगों को समय से लाभ सुनिश्चित हो सकें। 

वेतन विसंगतियां दूर करने के लिए पे मैट्रिक्स का होगा विलय
NC-JCM द्वारा दिए गए सुझावों के अनुसार, मौजूदा पे मैट्रिक्स के कई स्तरों (Levels) को आपस में मिलाया जा सकता है। इस योजना के तहत लोअर और मिडिल लेवल (जैसे लेवल 2 और 3, लेवल 4 और 5, लेवल 7 और 8, तथा लेवल 9 और 10) को एक करने की बात कही गई है। इस बदलाव से न केवल प्रशासनिक जटिलताएं कम होंगी, बल्कि कर्मचारियों को पदोन्नति (Promotion) और सालाना वेतन वृद्धि का लाभ अधिक स्पष्टता के साथ मिल सकेगा। इसके अलावा, अलग-अलग पदों के बीच सैलरी के बड़े अंतर को कम करके समान कार्य के लिए उचित वेतन संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

बेसिक सैलरी 18 हजार से बढ़कर हो सकती है 69 हजार रुपये
इस नए प्रस्ताव में कर्मचारियों के न्यूनतम वेतन को लेकर भी एक बड़ा दावा किया गया है। संगठनों ने सरकार से 3.83 फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) लागू करने की पुरजोर मांग की है। यदि सरकार इस सिफारिश को स्वीकार कर लेती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी मौजूदा 18,000 रुपये से सीधे बढ़कर 69,000 रुपये प्रति माह हो जाएगी। इस ऐतिहासिक बढ़ोतरी का सीधा लाभ देश के लाखों सेवारत कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों को भी मिलेगा, जिससे उनके कुल वेतन (CTC) में बंपर उछाल आएगा।

सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग
प्रस्ताव में सिर्फ शुरुआती वेतन बढ़ाने पर ही जोर नहीं दिया गया है, बल्कि कर्मचारियों की वार्षिक आय में तेजी से बढ़ोतरी के लिए भी खाका तैयार किया गया है। इसके तहत वर्तमान में मिलने वाले 3 फीसदी सालाना इंक्रीमेंट (Yearly Increment) को दोगुना करके 6 फीसदी करने का सुझाव दिया गया है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस कदम से बाजार में बढ़ती महंगाई के असर को बेअसर करने और कर्मचारियों की क्रय शक्ति को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

क्यों पड़ी इस बड़े बदलाव की जरूरत?
प्रतिनिधिमंडलों का तर्क है कि वर्तमान वेतन प्रणाली काफी उलझी हुई है और विभिन्न पे-लेवल्स के बीच का फासला बहुत ज्यादा है। आज के समय में बढ़ती जीवन-यापन लागत और महंगाई सूचकांक को देखते हुए वेतनमान में व्यापक सुधार अपरिहार्य हो चुका है। यही वजह है कि पे स्केल मर्जर, उच्च फिटमेंट फैक्टर और बेहतर वार्षिक इंक्रीमेंट जैसे क्रांतिकारी बदलावों की वकालत की जा रही है।

 

#8th Pay Commission

Source : Agency

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