शिक्षा बजट में बड़ा बदलाव! मदरसों के लिए आवंटन में भारी कटौती, विपक्ष ने उठाए सवाल
कोलकाता
पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए आज का दिन काफी अहम है. आज राज्य की बीजेपी सरकार ने अपना पहला बजट पेश किया है. शुभेंदु सरकार में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने वित्ती वर्स 2026-27 के लिए सदन में बजट पेश किया. इस बार बंगाल में मदरसा एजुकेशन का बजट घटाकर आधा कर दिया गया है।
सदन में बजट पेश करते हुए स्वपन दासगुप्ता ने कहा, हमारा टारगेट विकसित भारत और विकसित बंगाल है. मैं घोषणा करता हूं कि सभी मौजूदा और चल रही सामाजिक योजनाएं जारी रहेंगी. हम जिम्मेदार होंगे और पारदर्शिता के साथ कानून का पालन करेंगे. हमें लोगों का भरोसा जीतना होगा।
गुप्ता ने आगे बताया, हम इमरजेंसी हेल्पलाइन के लिए डायल 112 शुरू कर रहे हैं. कांथी में एक नया पुलिस जिला होगा. कुछ नई नगर पालिकाएं खोली जाएंगी. नए फायर स्टेशन भी खोले जाएंगे।
मतलब यह कि 3548 करोड़ रुपये की कटौती वित्त वर्ष 2026-27 में अल्पसंख्यक कल्याण और मदरसों के लिए की गई है, जो कि बड़ी कटौती है. इस साल के बजट में इस फंड को आधे से भी कम कर दिया गया है. वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने वित्त वर्ष 2026-27 में इस विभाग के लिए 2,165.42 करोड़ रुपये आवंटित करने का प्रस्ताव रखा. जानकारी के मुताबिक, बंगाल में करीब 614 मान्यता प्राप्त सरकार मदरसे हैं. इनमें करीब साढ़े 4 लाख छात्र पड़ते हैं।
बंगाल में शुभेंदु सरकार का पहला बजट
बंगाल में बीजेपी सरकार ने अपने पहले बजट में राज्य कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 20 प्रतिशत की वृद्धि, सभी प्रमुख सामाजिक योजनाओं को जारी रखने और एक लाख सरकारी रिक्तियों को भरने का वादा किया है. वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने विधानसभा में राज्य का वार्षिक बजट पेश करते हुए अपनी घोषणाओं के जरिये राजकोषीय अनुशासन और कल्याणकारी प्रतिबद्धताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की।
सरकारी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़ाया
स्वप्नदास गुप्ता ने कहा कि राज्य सरकार के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (डीए) और पेंशनभोगियों को मिलने वाली महंगाई राहत में वृद्धि एक अक्टूबर से प्रभावी होगी और कुल डीए 38 प्रतिशत हो जाएगा. नई सरकार के रोजगार लक्ष्यों का उल्लेख करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि सरकारी विभागों में एक लाख रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरा जाएगा, जिनमें एक-तिहाई पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे.
पिछली सरकार के मुकाबले आधे से भी कम बजट
वहीं, स्वप्नदास गुप्ता ने बताया कि बंगाल में बीजेपी सरकार ने माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 2165 करोड़ रुपए कर दिए हैं. ये रकम पिछली TMC सरकार की तुलना में आधी से भी कम है. बता दें कि तत्कालीन सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए माइनॉरिटी अफेयर्स और मदरसा एजुकेशन के लिए 5713 करोड़ रुपए आवंटित किए थे।
अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़
उन्होंने कहा कि सभी मौजूदा सामाजिक कल्याण योजनाओं को जारी रखा जाएगा. उन्होंने अन्नपूर्णा योजना के लिए 36,000 करोड़ रुपये आवंटित किए. महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा प्रदान करने के लिए 550 करोड़ रुपये की घोषणा करते हुए कहा कि इस योजना को सुगम बनाने के लिए जल्द ही ‘पिंक कार्ड' प्रणाली शुरू की जाएगी।
वित्त मंत्री बोले- पिछली सरकार ₹8.15 लाख करोड़ का कर्ज छोड़ गई
वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार को पिछली सरकार से 8.15 लाख करोड़ रुपए का कर्ज का बोझ विरासत में मिला है। वित्तीय अनुशासन को बहाल करना और शासन में जनता का विश्वास जीतना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
उन्होंने आगे कहा कि भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासनिक ढांचा तैयार करना हमारी सोच का मुख्य आधार है और हमें शासन व्यवस्था में लोगों का भरोसा वापस कायम करना होगा।
बंगाल के सभी मदरसों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य
पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के अल्पसंख्यक मामलों और मदरसा शिक्षा विभाग के तहत आने वाले सभी मदरसों में 'वंदे मातरम' गाना अनिवार्य कर दिया है। 19 मई को जारी आदेश के मुताबिक, यह नियम सरकारी मॉडल मदरसों, सरकारी सहायता प्राप्त और बिना सहायता प्राप्त मदरसों पर तुरंत लागू होगा।
इससे पहले मदरसों में सुबह की प्रार्थना के दौरान राष्ट्रगान 'जन गण मन' और कवि गुलाम मुस्तफा की 'अनंत असीम प्रेममय तुमी' (बांग्ला गीत) गाया जाता था। अब सभी मदरसों को इस आदेश को लागू करने के बाद इसकी रिपोर्ट भी विभाग को सौंपनी होगी।
बंगाल सरकार के 10 बड़े फैसले…
BSF को सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन सौंपना- भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा मजबूत करने और बाड़ (फेंसिंग) लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 600 एकड़ जमीन 45 दिनों के भीतर दी जाएगी, जिससे सीमा से जुड़ा पुराना विवाद खत्म होगा।
बंगाल में CAA की प्रक्रिया शुरू- CAA के तहत आने वाले 7 समुदायों और 31 दिसंबर 2024 तक भारत आए लोगों को नागरिकता कानून का लाभ मिलेगा। पुलिस उन्हें हिरासत में नहीं ले सकेगी।
आयुष्मान भारत और केंद्रीय योजनाओं को लागू करना- पश्चिम बंगाल सरकार अब केंद्र सरकार की 'आयुष्मान भारत' योजना से जुड़ गई है, जिसके तहत गरीब परिवारों को 5 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज मिलेगा।
जनगणना को शुरू करने का फैसला- राज्य में काफी समय से अटकी पड़ी जनगणना को तुरंत शुरू करने के लिए प्रशासनिक आदेश जारी कर दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के जून 2025 के इस आदेश पर पिछली सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया था।
सरकारी नौकरियों की उम्र सीमा में छूट- सरकारी नौकरियों और शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देते हुए सरकार ने आवेदन की उम्र सीमा में 5 साल की छूट देने का फैसला किया है।
अफसरों को केंद्रीय ट्रेनिंग पर भेजने की मंजूरी- पुरानी नीति को बदलते हुए अब राज्य के आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS) और डब्लूबीपीएस (WBPS) अधिकारियों को केंद्र सरकार के ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने की इजाजत दे दी गई है।
भारतीय न्याय संहिता को अपनाना- सरकार ने राज्य में नए केंद्रीय आपराधिक कानूनों (जैसे भारतीय न्याय संहिता) को पूरी तरह लागू करने का निर्णय लिया है। ये कानून पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह लेंगे, जिन्हें पिछली सरकार ने राज्य में आधिकारिक तौर पर लागू नहीं किया था।
हिंसा पीड़ित बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को मदद- साल 2021 की चुनावी हिंसा में मारे गए 321 बीजेपी कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकारी नौकरी या आर्थिक मदद दी जाएगी। इसके साथ ही सरकार इन मामलों की दोबारा जांच कराने और पीड़ित परिवारों को पूरी कानूनी सहायता देने के लिए भी तैयार है।
धर्म आधारित कल्याणकारी योजनाओं को बंद किया- मदरसा विभाग और अन्य धर्मों से जुड़ी वित्तीय सहायता वाली योजनाओं को जून महीने से बंद करने का फैसला लिया गया है। सरकार अब बिना किसी भेदभाव के सबके लिए समान योजनाएं चलाएगी।
गोहत्या पर नया नोटिस- सरकार ने गोहत्या से जुड़े 1950 के कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में कहा गया है कि बिना 'फिटनेस सर्टिफिकेट' के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है।

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