Saturday, April 25th, 2026

खैरागढ़ नक्सल अभियान: 20 लाख के इनामी दंपति ने किया सरेंडर, क्षेत्र में बढ़ी सुरक्षा

खैरागढ़
खैरागढ़ में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली। 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली दंपति ने हथियार छोड़कर एसपी के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण-पुनर्वास नीति 2025 और क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे विकास कार्यों ने दोनों को मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरित किया।
धनुष उर्फ मुन्ना और पत्नी रोनी उर्फ तुले ने किया सरेंडर

आत्मसमर्पण करने वालों में 14 लाख का इनामी हार्डकोर माओवादी धनुष उर्फ मुन्ना (25) और उसकी पत्नी, 6 लाख की इनामी महिला नक्सली रोनी उर्फ तुले (25) शामिल हैं। दोनों माड़ डिवीजन और एमएमसी जोन के सक्रिय कैडर थे और टाण्डा–मलाजखण्ड क्षेत्र में कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहे। रोनी, एमएमसी जोन प्रभारी व सीसी मेम्बर रामदेर के साथ काम करती थी, जबकि धनुष को कंप्यूटर व हिंदी–अंग्रेजी टाइपिंग में दक्षता होने के कारण संगठन के टेक्निकल और डाटा कार्य सौंपे जाते थे।

केसीजी पुलिस की लगातार सर्चिंग, सिविक एक्शन प्रोग्राम, गांवों में जागरूकता अभियान और सरकार द्वारा सड़क, बिजली, पानी व नेटवर्क जैसी सुविधाओं के विस्तार से इलाके में पुलिस पर भरोसा बढ़ा है। इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि यह दंपति हिंसा छोड़कर समाज से जुड़ने आगे आया।

बोले- अब सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं

दोनों ने कहा कि वे अब सम्मानजनक और शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं। पुलिस और प्रशासन का मानना है कि यह आत्मसमर्पण क्षेत्र में शांति बहाली और नक्सल संगठन को कमजोर करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। विकास और सरकारी नीतियों का असर साफ दिख रहा है पहाड़ों और जंगलों में अब बदलाव की हवा चल रही है।

 

#Naxal operation

Source : Agency

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