Friday, April 24th, 2026

कर्नाटक में नेतृत्व संकट गहराया: राहुल–खड़गे के संकेत से DK शिवकुमार बनाम सिद्धारमैया खेमे में हलचल

बेंगलुरु 
कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद को लेकर संघर्ष और बढ़ने के आसार हैं। खबर है कि अगर पार्टी आलाकमान डीके शिवकुमार को सीएम पद के लिए चुनता है, तो मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का खेमा बड़े ऐक्शन की तैयारी कर रहा है। हालांकि, इसे लेकर दोनों ही नेताओं और पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। संभावनाएं हैं कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सांसद राहुल गांधी और सोनिया गांधी से जल्द इस मुद्दे पर मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सुत्रों ने बताया है कि सिद्धारमैया विधायक अलर्ट मोड पर है और जरूरत पड़ने पर दिल्ली जाकर दबाव डाल सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल सीएम आलाकमान के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर इस बात के थोड़े भी संकेत मिले कि शिवकुमार का प्रमोशन होने वाला है, तो सिद्धारमैया के समर्थक हरकत में आ जाएंगे। हालांकि, आगे की रणनीति क्या होगी, इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।

शिवकुमार के नाम पर भारी विवाद?
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि अगर पार्टी मुख्यमंत्री बदलने पर जोर देता है, तो उनके सामने नामों की एक लिस्ट पेश की जाएगी। कहा जा रहा है कि एक विकल्प गृहमंत्री जी परमेश्वर हो सकते हैं। वह खुलकर अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। इससे संकेत मिलते हैं कि सिद्धारमैया और शिवकुमार में दरार बरकरार है। हालांकि, दोनों ही नेताओं ने इससे इनकार किया है। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक सरकार में मंत्री सतीश जरकिहोली की अगुवाई में एक बैठक हुई थी। जरकिहोली को सिद्धारमैया समर्थक माना जाता है। कहा जा रहा है कि उस बैठक में ही ताजा रणनीति तैयार की गई है। इसके अलावा जरकिहोली डिप्टी सीएम से भी मुलाकात कर चुके हैं, लेकिन अब तक साफ नहीं हो सका है कि दोनों नेताओं में क्या बात हुई।

कांग्रेस आलाकमान पर बढ़ा दबाव
बुधवार को जरकिहोली ने कांग्रेस आलाकमान से राज्य में नेतृत्व परिवर्तन के मुद्दे पर जल्द से जल्द स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। उन्होंने कहा है कि वह जल्द ही खरगे से मुलाकात के लिए समय मांगेंगे। उनके अनुसार, उपमुख्यमंत्री शिवकुमार मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा रखते हैं और उन्होंने पहले दिन से ही यह बात सबको बता दी थी, लेकिन पार्टी आलाकमान ने सिद्धरमैया को मौका दिया।

जारकीहोली ने कहा कि नेतृत्व परिवर्तन पर पार्टी आलाकमान को फैसला लेना है। उन्होंने कहा कि सिद्धरमैया ने भी कहा है कि आलाकमान को इस पर जल्द से जल्द फैसला करना चाहिए। मंत्री ने कहा, 'जब मुख्यमंत्री ऐसा कहते हैं, तो पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को इस पर ध्यान देना चाहिए।'

 

 

#Karnataka leadership crisis deepens

Source : Agency

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