Friday, April 17th, 2026

घर में लक्ष्मी का वास बढ़ाएं: ये 5 आसान तरीके बनाएं धन का स्थायी प्रवाह

नई दिल्ली 
दीपावली के महापर्व की श्रृंखला में लाभ पंचमी का दिन अत्यंत विशेष और शुभकारी माना जाता है। इसे सौभाग्य पंचमी, ज्ञान पंचमी या लाभ पंचम के नाम से भी जाना जाता है। लाभ का अर्थ है फायदा या लाभ और सौभाग्य का अर्थ है अच्छी किस्मत। यह पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। यह दिन विशेष रूप से व्यापारियों और व्यवसायियों के लिए महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इस दिन दिवाली के बाद नए बहीखातों का श्रीगणेश किया जाता है और नए व्यावसायिक वर्ष की शुरुआत होती है। मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से किए गए पूजन से साल भर व्यापार में लाभ और घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के आसान उपाय और पूजा विधि
लाभ पंचमी के दिन कुछ विशेष उपाय और सरल पूजा विधि अपनाकर आप मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की कृपा प्राप्त कर सकते हैं, जिससे धन का प्रवाह आपकी जेब में सदा बना रहे:

यह सबसे महत्वपूर्ण और सरल उपाय है। इस दिन अपने घर या कार्यस्थल के मुख्य द्वार और नए बहीखातों पर रोली या कुमकुम से शुभ, लाभ लिखें और उनके मध्य में स्वस्तिक का चिह्न बनाएं। शुभ मंगल का प्रतीक है, लाभ धन-वृद्धि का और स्वस्तिक सभी दिशाओं से सौभाग्य के आगमन का प्रतीक है।

गणेश-लक्ष्मी का पूजन:
लाभ पंचमी पर भगवान गणेश और मां लक्ष्मी का एक साथ पूजन करना अत्यंत फलदायी होता है। प्रातःकाल स्नान के बाद, पूजा स्थल को स्वच्छ करें। भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। सबसे पहले भगवान गणेश को दूर्वा, मोदक और सिन्दूर अर्पित करें। इसके बाद, मां लक्ष्मी को लाल वस्त्र, कमल या गुलाब के फूल, इत्र और खीर का भोग लगाएं।

इस दिन ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः या भगवान गणेश के मंत्र वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा।| का कम से कम 108 बार जाप करें।

बहीखातों की पूजा:
व्यवसायी वर्ग के लिए यह दिन नए खातों की शुरुआत का होता है। नए बहीखातों या अपनी तिजोरी/कैश काउंटर की साफ-सफाई करें। पूजा के समय बहीखातों को भी पूजा स्थल पर रखें और उन पर रोली, अक्षत और पुष्प अर्पित करें। इससे व्यापार में वृद्धि और लाभ के योग बनते हैं।

दान और सेवा का महत्व:
शास्त्रों में कहा गया है कि दान से बड़ा कोई लाभ नहीं है। इस शुभ दिन पर अपनी क्षमतानुसार गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान अवश्य करें। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय होता है और मां लक्ष्मी इससे शीघ्र प्रसन्न होती हैं, जिससे धन का प्रवाह हमेशा बना रहता है।

घर और कार्यस्थल की शुद्धि:
पूजा से पहले पूरे घर और कार्यस्थल को अच्छी तरह साफ करें। घर के कोने-कोने में गंगाजल का छिड़काव करें। इससे नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। शाम के समय घर और कार्यस्थल पर दीपक अवश्य जलाएं।

तिजोरी या धन स्थान का उपाय:
पूजा के बाद, एक लाल कपड़े में हल्दी की गांठ, एक सिक्का और थोड़े से अक्षत बांधकर अपनी तिजोरी, कैश बॉक्स या धन रखने के स्थान पर रखें। यह उपाय धन को आकर्षित करने और उसे स्थिर रखने में सहायक माना जाता है।

 

 

#Simple ways to please Goddess Lakshmi

Source : Agency

आपकी राय

15 + 2 =

पाठको की राय