Wednesday, April 22nd, 2026

सेहत बनी सहारा, स्वास्थ्य विभाग की पहल से फिर दौड़े पहिए और चली कलम

भोपाल.
स्वास्थ्य विभाग की सार्थक पहल से कोई फिर चला सकेगा गाड़ी, तो कोई फिर पकड़ सकेगा कलम

दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, मध्यप्रदेश एवं इनाली फाउंडेशन के संयुक्त सहयोग से एक सराहनीय और मानवीय पहल निरंतर संचालित की जा रही है। इस पहल के अंतर्गत राज्य के विभिन्न जिलों में निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम अंग प्रदान कर दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा और आत्मविश्वास का संचार किया जा रहा है। अब तक बैतूल, रीवा एवं सागर जिलों में क्रमशः 123, 110 एवं 95 दिव्यांग हितग्राहियों को निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ प्रदान किए जा चुके हैं।

इसी क्रम में भोपाल जिले में 26 एवं 27 जनवरी को सिविल अस्पताल हथईखेड़ा, भोपाल में दो दिवसीय निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ वितरण शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान कुल 123 दिव्यांग हितग्राहियों को निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ लगाए गए। यह शिविर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत आयोजित किया गया, जो विभाग की एक प्रभावी एवं सफल पहल के रूप में सामने आया है।

कृत्रिम हाथ प्राप्त करने के पश्चात अब ये सभी हितग्राही सामान्य व्यक्तियों की भांति अपने दैनिक कार्यों के साथ-साथ आजीविका से जुड़ी गतिविधियाँ भी सहजता से कर सकेंगे। ये इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ 1 से 7 किलोग्राम तक वजन उठाने में सक्षम हैं, जिससे लाभार्थियों की कार्यक्षमता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। शिविर में लाभान्वित हितग्राही कृत्रिम हाथ प्राप्त कर अत्यंत प्रसन्न एवं भावुक नजर आए। उनके चेहरों पर लौटी मुस्कान इस पहल की सफलता को स्वयं बयां कर रही थी। इस प्रयास से उनके जीवन में पुनः आशा, आत्मविश्वास और सम्मानजनक जीवन जीने की भावना सशक्त हुई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा आगामी दिनों में इंदौर जिले में भी इसी प्रकार के निःशुल्क इलेक्ट्रॉनिक कृत्रिम हाथ वितरण शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक पात्र दिव्यांगजनों को इस योजना का लाभ प्रदान किया जा सके।

 

 

#Health becomes a source of support

Source : Agency

आपकी राय

5 + 8 =

पाठको की राय