Friday, April 17th, 2026

भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की राशि बनी सहारा सिलाई मशीन से जिंदगी बुनती थी, अब जिंदगी संवरेगी

रायपुर

भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना की राशि बनी सहारामुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना अंतर्गत हितग्राहियों को राशि वितरण का कार्यक्रम कई परिवारों के जीवन में नई उम्मीद लेकर आया। यह सिर्फ आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि संघर्षरत परिवारों के लिए संबल और आत्मविश्वास का आधार बन रहा है।
बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम संकरी की महिला हितग्राही  चमेली सेन की आंखों में उस समय भावनाएं छलक उठीं, जब उन्हें मुख्यमंत्री के हाथों 10 हजार रुपए का चेक प्राप्त हुआ। उन्होंने बताया कि उनके पास कृषि भूमि का एक छोटा सा टुकड़ा भी नहीं है। सिलाई मशीन के सहारे घर चलाने वाली चमेली और सैलून चलाने वाले उनके पति, सीमित आय में अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनके दो बच्चे हैं, एक नर्सिंग और दूसरा इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा है। बच्चों की पढ़ाई का खर्च उठाना उनके लिए हमेशा एक बड़ी चुनौती रहा है। “यह राशि मेरे बच्चों की स्कूल फीस भरने में काम आएगी। हमारे जैसे परिवार के लिए यह बहुत बड़ी मदद है,” कहते हुए उनकी आवाज में संतोष और उम्मीद साफ झलक रही थी।

इसी गांव के एक अन्य हितग्राही धन्नूलाल धीवर के चेहरे पर भी राहत और खुशी साफ दिखाई दी। उन्होंने बताया कि उनका जीवन पूरी तरह मजदूरी पर निर्भर है। पिछले वर्ष भी उन्हें 10 हजार रुपए की सहायता मिली थी और इस वर्ष भी उतनी ही राशि प्राप्त हुई है। धन्नूलाल ने कहा, हम दोनों पति-पत्नी साथ रहते हैं और मजदूरी करके जीवन यापन करते हैं। पहले जरूरत के समय इधर-उधर भटकना पड़ता था, लेकिन अब इस सहायता से राहत मिली है। अब एक साल के लिए चिंता कम हो गई है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी पत्नी को महतारी वंदन योजना की राशि भी मिलती है, जिससे दोनों मिलकर अपने घर की जरूरतों को पूरा कर पा रहे हैं। 

धन्नूलाल धीवर की बातों में सुकून था, एक ऐसी राहत जैसे संघर्ष के बाद मिली हो। उन्होंने मुख्यमंत्री एवं सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे गरीब और भूमिहीन परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही है।

 

#Laborer Welfare Scheme

Source : Agency

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