वर्ल्ड कप 2026 में अमेरिका की शानदार शुरुआत, पराग्वे पर 4-1 की बड़ी जीत से भेजा मजबूत संदेश
मेक्सिको
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में मेजबान अमेरिका ने अपने अभियान की शुरुआत धमाकेदार अंदाज में की. कैलिफोर्निया के इंगलवुड स्थित सोफी स्टेडियम में खेले गए ग्रुप-डी मुकाबले में अमेरिका ने पराग्वे को 4-1 से हराकर टूर्नामेंट में अपनी दावेदारी का मजबूत संदेश दिया।
1994 के बाद पहली बार घरेलू सरजमीं पर वर्ल्ड कप मैच खेल रही अमेरिकी टीम शुरुआत से ही आक्रामक नजर आई. मैच के शुरुआती चरण में ही पराग्वे के डेमियन बोबाडिला के आत्मघाती गोल ने अमेरिका को बढ़त दिला दी और यहीं से मुकाबले की दिशा तय हो गई।
इसके बाद फोलारिन बालोगुन ने अपने शानदार प्रदर्शन से मैच पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया. 31वें मिनट में क्रिस्टियन पुलिसिक ने बेहतरीन थ्रू बॉल खेली, जिस पर बालोगुन ने पहला गोल दागकर स्कोर 2-0 कर दिया. इससे पहले उनका एक गोल ऑफसाइड के कारण रद्द भी हो चुका था।
पहले हाफ के इंजरी टाइम में बालोगुन ने मैच का सबसे खूबसूरत गोल किया. मलिक टिलमैन के पास को हासिल करने के बाद उन्होंने दो डिफेंडरों को छकाया और शानदार कर्लिंग शॉट के जरिए गेंद को टॉप कॉर्नर में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ अमेरिका ने हाफ टाइम तक 3-0 की मजबूत बढ़त बना ली।
दूसरे हाफ में पराग्वे ने वापसी की कोशिश की. 73वें मिनट में जूलियो एन्सिसो ने ढीली गेंद पर तेजी दिखाते हुए मौरिसियो को पास दिया, जिन्होंने गोलकीपर मैट फ्रीज को छकाते हुए टीम का पहला गोल दागा. हालांकि यह गोल केवल अंतर कम करने तक ही सीमित रहा।
अमेरिका ने पूरे मैच में नियंत्रण बनाए रखा. सब्स्टीट्यूट रिकार्डो पेपी के पास भी गोल करने का मौका था, लेकिन पराग्वे के गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने शानदार बचाव किया।
मैच के स्टॉपेज टाइम में जियो रेयना ने शानदार अंदाज में मुकाबले का चौथा गोल दागा. तेज काउंटर अटैक के बाद रेयना ने बाहरी पैर से ऐसा शॉट लगाया जिसे गिल रोक नहीं सके. इस गोल ने अमेरिकी प्रशंसकों की खुशी को और बढ़ा दिया।
यह मुकाबला डिफेंडर क्रिस रिचर्ड्स की वापसी के लिए भी यादगार रहा. क्रिस्टल पैलेस के लिए खेलते समय लगी टखने की चोट के कारण वह अमेरिका के आखिरी वॉर्म-अप मैचों से बाहर रहे थे. वहीं गोलकीपर मैट फ्रीज को मैट टर्नर पर प्राथमिकता दी गई, जिन्होंने 2022 वर्ल्ड कप में अमेरिका के सभी मैच खेले थे।
इस जीत के साथ अमेरिका ने ग्रुप-डी में मजबूत शुरुआत की है. अब उसकी अगली भिड़ंत 19 जून को सिएटल में ऑस्ट्रेलिया से होगी. वहीं पराग्वे की टीम उसी दिन तुर्की के खिलाफ मैदान में उतरेगी।
78वें मिनट में चला लारिन का जादू, कनाडा ने बचाई लाज, कनाडा-बोस्निया मैच ड्रॉ
फीफा वर्ल्ड कप 2026 में सह-मेजबान कनाडा ने अपने अभियान की शुरुआत हार से बचते हुए की. टोरंटो में खेले गए मुकाबले में कनाडा ने बोस्निया-हर्जेगोविना के खिलाफ 1-1 से ड्रॉ खेलकर टूर्नामेंट का अपना पहला अंक हासिल किया।
मुकाबले की शुरुआत कनाडा के लिए अच्छी नहीं रही. बोस्निया-हर्जेगोविना ने 21वें मिनट में बढ़त हासिल कर ली. चोटिल खिलाड़ी की जगह टीम में शामिल किए गए जोवो लुकिच ने कॉर्नर किक पर शानदार हेडर लगाकर गेंद को नेट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 से आगे कर दिया।
पहला हाफ और दूसरे हाफ का बड़ा हिस्सा कनाडा के लिए संघर्षपूर्ण रहा, लेकिन कोच का दांव आखिरकार काम कर गया. 76वें मिनट में मैदान पर उतरे काइल लारिन ने सिर्फ दो मिनट बाद ही मैच का रुख बदल दिया।
78वें मिनट में प्रॉमिस डेविड ने बेहतरीन पास दिया, जिस पर लारिन ने शानदार फिनिश करते हुए स्कोर 1-1 कर दिया. इस गोल के साथ स्टेडियम में मौजूद कनाडाई प्रशंसक खुशी से झूम उठे।
यह गोल कनाडा के लिए बेहद खास रहा. वर्ल्ड कप इतिहास में यह टीम का सिर्फ दूसरा गोल था. इससे पहले कनाडा 1986 के वर्ल्ड कप में अपने तीनों मैच हार गया था. वहीं 2022 में कतर वर्ल्ड कप में भी टीम को जीत नहीं मिली थी. बोस्निया-हर्जेगोविना भी अपने इतिहास में दूसरी बार वर्ल्ड कप खेल रहा है. 2014 में टीम पहली बार टूर्नामेंट में उतरी थी, लेकिन ग्रुप राउंड से आगे नहीं बढ़ सकी थी।
हालांकि कनाडा जीत हासिल नहीं कर पाया, लेकिन घरेलू मैदान पर खेले जा रहे अपने पहले वर्ल्ड कप मैच में वापसी करते हुए एक पॉइंट हासिल करना टीम के लिए मनोबल बढ़ाने वाला रिजल्ट साबित हुआ. काइल लारिन के देर से किए गए गोल ने कनाडा को हार से बचाया और टूर्नामेंट में आगे के मुकाबलों के लिए आत्मविश्वास भी दिया।

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