Thursday, April 16th, 2026

भारत में हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े गए आठ पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की सजा मिली

मुंबई
विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने 2015 में अरब सागर के रास्ते भारत में हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़े गए आठ पाकिस्तानी नागरिकों को दोषी ठहराते हुए 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। यह मामला 600 समुद्री मील की दूरी तय कर पाकिस्तान के कराची से भारत की समुद्री सीमा में प्रवेश करने वाले जहाज "अल यासिर" से जुड़ा हुआ है। इस जहाज को भारतीय तटरक्षक बल ने 232 किलोग्राम हेरोइन के साथ पकड़ा था। इस हेरोइन की कीमत 6.93 करोड़ रुपये आंकी गई थी।

पकड़े गए आरोपी
आरोपियों में अलीबख्शा सिंधी, मक्सूद मासिम, मोहम्मद नाथो, मोहम्मद अहमद इनायत, मोहम्मद यूसुफ गगवानी, मोहम्मद यूनुस सिंधी, मोहम्मद गुलहसन सिंधी और गुलहसन सिद्दीक सिंधी शामिल हैं। ये सभी आरोपी 2015 से मुंबई के जेल में बंद हैं।

घटना का विवरण
18 अगस्त 2022 को इस मामले से जुड़े 11 बड़े नीले प्लास्टिक के ड्रम येलो गेट पुलिस स्टेशन से मुंबई सिविल कोर्ट, काला घोड़ा ले जाए गए। 2015 में इन्हीं ड्रमों में 232 किलोग्राम हेरोइन भरकर "अल यासिर" जहाज के जरिए पाकिस्तान से भारतीय सीमा में लाया गया था।

तटरक्षक बल की कार्रवाई
भारतीय तटरक्षक बल के जहाज "संग्राम" के तत्कालीन कमांडिंग ऑफिसर ने विशेष एनडीपीएस कोर्ट में पेश होकर घटना का पूरा ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि किस तरह "अल यासिर" को पकड़ा गया और उसमें मौजूद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उन्होंने कहा, "कोर्ट में मौजूद आरोपी वही हैं, जिन्हें हमने पाकिस्तानी जहाज 'अल यासिर' पर पाया था।"

सजा का ऐलान
विशेष एनडीपीएस कोर्ट ने सभी आरोपियों को नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट (NDPS) के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल की कठोर सजा सुनाई। इस फैसले से भारत में ड्रग तस्करी पर कड़ा संदेश गया है। यह मामला भारतीय तटरक्षक बल और अन्य सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता का प्रमाण है, जिसने नशीले पदार्थों की इस बड़ी खेप को भारतीय बाजार में पहुंचने से पहले ही रोक लिया।

 

#Eight Pakistani nationals caught in heroin

Source : Agency

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