Thursday, May 14th, 2026

महंगाई की मार हेल्थ सेक्टर पर, डायबिटीज मरीजों का खर्च बढ़ा

 लखनऊ

 महंगाई की मार अब रोगियों पर भी पड़ने लगी है। डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाओं की कीमतों में 15-20 प्रतिशत तक वृद्धि कर दी गई है। पिछले साल भी करीब 10-15 प्रतिशत तक इजाफा हुआ था जिसका सीधा असर मधुमेह रोगियों की जेब पर पड़ रहा है।

डायबिटीज से ग्रसित मरीजों को जीवनभर नियमित दवाएं और इंसुलिन लेनी पड़ती हैं। खासकर, डायबिटीज-1 के रोगी इंसुलिन पर निर्भर होते हैं। दवा कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि कच्चे माल की कीमतों, आयात लागत और परिवहन खर्च में बढ़ोतरी के कारण फार्मा कंपनियों ने दाम बढ़ाए हैं।

लखनऊ केमिस्ट एसोसिएशन के प्रवक्ता विकास रस्तोगी का कहना है कि डायबिटीज की कई दवाओं में इस्तेमाल होने वाला एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट विदेशों से आयात किया जाता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल और शिपिंग लागत बढ़ने से दवाओं की उत्पादन लागत में वृद्धि हुई है

हाल के वैश्विक तनावों और सप्लाई चेन प्रभावित होने का असर भी दवा उद्योग पर पड़ा है। लखनऊ में डायबिटीज की दवाओं और इंसुलिन का सालाना करीब 80-90 करोड़ रुपये की खपत है। डायबिटीज के मरीजों का मासिक खर्च अब पहले की तुलना में 20 प्रतिशत तक बढ़ेगा।

नई तकनीक वाली दवाओं और इंजेक्शन का उपयोग करने वाले मरीजों पर यह खर्च और अधिक पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले सप्ताह कई कंपनियों ने नई रेट लिस्ट जारी की हैं। कुछ ब्रांडेड दवाओं की कीमतों में पहले ही 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि आने वाले समय में यह वृद्धि 20 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।

डायबिटीज रोगी सर्वाधिक प्रभावित
उत्तर प्रदेश में करोड़ों लोग डायबिटीज रोग से पीड़ित हैं। ऐसे मरीजों को रोजाना दवाएं लेनी पड़ती हैं। दाम बढ़ने का असर निम्न और मध्यम आय वर्ग के मरीजों पर सीधे पड़ता है। कई मरीज पहले ही महंगी दवाओं के कारण इलाज बीच में छोड़ देते हैं, ऐसे में कीमतों में और वृद्धि चिंता बढ़ाने वाली है।

आईसीएमआर एक रिपोर्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश में लगभग 4.9% वयस्क आबादी मधुमेह से पीड़ित है। हालांकि, यूपी में मधुमेह की दर देश में सबसे कम है, लेकिन चिंता की बात यह है कि यहां 18% लोग प्री-डायबिटिक हैं, जो भविष्य में डायबिटिक हो सकते हैं।

दवा का नाम                                          पुराना दाम (₹)              नया दाम (₹)
इंसुलिन ह्यूमलाग मिक्स-25 कार्ट्रिज              5,350                         6,000
रोजडे टैबलेट                                           212                            235
इस्टामेट टैबलेट                                       175                           195

    दवाओं के दाम बढ़ाने-घटाने का निर्णय केंद्र सरकार करती है। हालांकि, हमारे विभाग को डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल की दवाएं महंगी होने की कोई सूची नहीं मिली है। सोमवार को इसके बारे में जानकारी करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।

                                     ब्रजेश कुमार, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन

 

#Diabetes

Source : Agency

आपकी राय

15 + 14 =

पाठको की राय