Wednesday, July 8th, 2026

दिल्ली का रिज बनेगा ग्रीन हब, देसी पेड़ों से प्रदूषण कम करने की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली
 तीन-चार वर्षों में दिल्ली के रिज क्षेत्र की सूरत बदलने वाली है। यहां से विलायती कीकर और बबूल जैसे पेड़ों को हटाकर उनकी जगह पर्यावरण के अनुकूल और ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पीपल, बरगद, नीम, अर्जुन, जामुन जैसे देसी प्रजाति के पेड़ लगाए जाएंगे। इस तरह पूरे रिज क्षेत्र को 'दिल्ली का लंग्स' यानी फेफड़ा बनाया जाएगा, जो शहर को स्वच्छ हवा मुहैया कराने में अहम भूमिका निभाएगा।

  • आम लोगों को प्रकृति से जोड़ने के लिए रिज एरिया में खास तरह के 8 वन भी बनाए जाएंगे और उनमें अलग-अलग तरह के देसी प्रजाति के पेड़-पौधे लगाए जाएंगे।
  • साथ ही रिज एरिया में मौजूद वॉटर बॉडीज और पुरातात्विक संरचनाओं का संरक्षण भी किया जाएगा।
  • यहां 70 से अधिक छोटे तालाब और कुछ छोटे रेस्तरां भी बनाए जाएंगे।
  • केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को दिल्ली में पौधरोपण महाअभियान की शुरुआत करते हुए ये जानकारियां साझा कीं।
  • इस अभियान के तहत दिल्ली में 70 लाख पौधे लगाए जाएंगे।

प्रदूषण कम करने पर जोर
अभियान के तहत दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सरकारी विभागों, स्कूलों, स्थानीय निकायों और सामाजिक संगठनों की भागीदारी से बड़े पैमाने पर पौधरोपण किया जाएगा। इसका उद्देश्य सिर्फ पेड़ लगाना नहीं, बल्कि उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। सरकार का कहना है कि इससे राजधानी का हरित क्षेत्र बढ़ेगा, वायु गुणवत्ता में सुधार होगा और आने वाले वर्षों में दिल्ली को प्रदूषण से राहत दिलाने में मदद मिलेगी।

 

#green hub

Source : Agency

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