जनगणना 2027: बिहार में स्व-गणना पोर्टल लॉन्च, प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी
पटना
बिहार में 'जनगणना से जन-कल्याण' के संकल्प की बारी आ गई है। जनगणना 2027 को इस बार पूरी तरह आधुनिक और डिजिटल ढांचे पर उतारा गया है। इस प्रक्रिया का सबसे अनूठा पहलू 'स्व-भागीदारी' है। सरकार ने नागरिकों को ये अवसर दिया है कि वे 17 अप्रैल से 1 मई के बीच स्वयं अपने परिवार का विवरण पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। ये केवल एक डेटा नहीं बल्कि राज्य के भविष्य निर्माण में प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। तकनीक के इस संगम से समय की बचत होगी और गलतियों की संभावना कम रह जाएगी
आपका डेटा ही आपकी पहचान
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत प्रत्येक व्यक्ति की जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखने की गारंटी दी गई है। सभी डिजिटल टूल्स में लेटेस्ट एन्क्रिप्शन तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, ताकि सुरक्षा सुनिश्चित रहे। 2 मई से शुरू होने वाले जमीनी सर्वे से पहले नागरिकों से अपील की गई है कि वे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए इस सरल और सुरक्षित स्व-गणना प्रक्रिया का हिस्सा बनें। इस डिजिटल 'यज्ञ' में आपकी भागीदारी ही पारदर्शी और समृद्ध बिहार की नींव रखेगी, जिससे भविष्य की जनकल्याणकारी योजनाओं को सही दिशा मिल सकेगी।
17 अप्रैल से 1 मई तक स्व-गणना
बिहार में स्व-गणना (Self Enumeration) की अवधि 17 अप्रैल से 1 मई 2026 तक निर्धारित है। इस अवधि में राज्य के नागरिक https://se.census.gov.in पोर्टल पर जाकर स्वयं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। इस प्रक्रिया में परिवार के मुखिया का नाम और किसी भी एक सदस्य के मोबाइल नंबर से पंजीकरण कर सकते हैं। स्व-गणना करने के बाद एक Self Enumeration ID प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना होगा। प्रगणक (जनगणना करने वाले) के घर आने पर उन्हें उपलब्ध कराना होगा।
स्व-गणना की सुविधा सुरक्षित, सरल और समय की बचत करने वाली प्रक्रिया है। इससे नागरिकों को घर बैठे अपनी जानकारी दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। जनगणना कार्य को समयबद्ध और सुगम तरीके से संपन्न करने में सहायता मिलेगी। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत एकत्र किया गया ये डेटा पूरी तरह से गोपनीय है। सभी डिजिटल टूल्स में डेटा एन्क्रिप्टेड (डिजिटल जानकारी गुप्त कोड में बदल जाती है, फिर केवल अधिकृत व्यक्ति ही उसे पढ़ पाता है) है, जो नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
जनगणना से जन-कल्याण के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए स्व-गणना की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
2-31 मई 2026 तक घर-घर सर्वे
जनगणना कार्य निदेशालय की डायरेक्टर रंजीता और जनगणना कार्य सह नागरिक निबंधन के डिप्टी डायरेक्टर संजीव कुमार ने भारत की जनगणना- 2027 से संबंधित जानकारियां साझा की। जनगणना कार्य निदेशालय, बिहार के सभी नागरिकों से अनुरोध किया कि 'जनगणना से जन-कल्याण' के उद्देश्य को सफल बनाने के लिए स्व-गणना की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करें और इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।
भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण 'मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना' का काम बिहार में 2-31 मई 2026 तक होने जा रहा है। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से संपन्न की जाएगी। जिसमें नागरिकों के लिए स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
जनगणना में स्व-गणना क्या है और इससे क्या फायदा है?
नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए अपना और अपने परिवार का डिटेल भरते हैं।
इसमें प्रगणक (enumerator) के घर आने का इंतजार नहीं करना पड़ता और त्रुटियां कम होती हैं।
स्व-गणना से समय की बचत होती है। डेटा कलेक्शन को आधुनिक बनाता है। समय की बचत होती है।
स्व-गणना कैसे और कहां करें, बिहार में कब तक होगा?
भारत सरकार के आधिकारिक जनगणना पोर्टल https://se.census.gov.in या मोबाइल ऐप पर लॉगिन करके।
आधार या मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर अपनी और परिवार की जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं।
जनगणना के प्रथम चरण (मकान सूचीकरण) के दौरान निश्चित समय के लिए उपलब्ध है, बिहार में 17 अप्रैल से 1 मई तक।
भारत की जनगणना-2027 में अपना नाम कैसे जोड़ें?
जनगणना के आधिकारिक वेब पोर्टल https://se.census.gov.in पर मोबाइल नंबर और आधार से पंजीकृत करें।
स्व-गणना लॉगिन करने के बाद निर्धारित प्रपत्र में अपने और अपने परिवार के सदस्यों का विवरण सावधानीपूर्वक ऑनलाइन भरें।
डेटा जमा करने के बाद प्राप्त संदर्भ संख्या (Reference Number) को सुरक्षित रखें, फिर प्रगणक को दिखाकर वेरिफाई कराएं।
जनगणना में क्या-क्या पूछा जाता है और क्यों पूछा जाता है?
परिवार के सदस्यों का नाम, आयु, लिंग, वैवाहिक स्थिति, धर्म, भाषा, शिक्षा, जाति, व्यवसाय और घर में उपलब्ध सुविधाएं।
ये डेटा भविष्य की सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के बेहतर नियोजन के लिए आधार बनता है।
जनगणना से जुड़े डेटा से निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन और विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षण और नीति निर्धारण सुनिश्चित होता है।
जनगणना 2027 के दौरान कौन-कौन से सवाल पूछे जाएंगे?
भारत की जनगणना 2027 के तहत 17 अप्रैल से 1 मई तक चलने वाली स्व-गणना की प्रक्रिया में अधिकतम जनता की सहभागिता सुनिश्चित करने में पूरी सरकारी टीम लगी हुई है। पहली बार आम लोगों को इस माध्यम से खुद जनगणना में हिस्सा लेने का अवसर प्रदान किया गया है। डिजिटल मोड में होने वाली इस जनगणना के प्रथम चरण में 2 मई से 31 मई के बीच मकान सूचीकरण और आवास गणना किया जाना है। इस दौरान 33 प्रश्न पूछे जाएंगे। इससे पहले 17 अप्रैल से इसी काम को आम लोग कहीं से भी पोर्टल https://se.census.gov.in के माध्यम से कर पाएंगे। इस दौरान 33 प्रश्न पूछे जाएंगे।
भवन संख्या (नगरपालिका या जनगणना संख्या)
घर/मकान संख्या
मकान के फर्श में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री
मकान की दीवारों में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री
मकान की छत में उपयोग की गई प्रमुख सामग्री
मकान का उपयोग (आवासीय, व्यावसायिक, आदि)
मकान की स्थिति (अच्छी, रहने योग्य, जीर्ण-शीर्ण)
परिवार संख्या (Household Number)
परिवार के सदस्यों की कुल संख्या
परिवार के मुखिया का नाम
परिवार के मुखिया का लिंग
परिवार के मुखिया की सामाजिक स्थिति (SC/ST/OBC/Other)
मकान के स्वामित्व की स्थिति (स्वयं का या किराए का)
घर में रहने वाले कमरों की संख्या
परिवार में विवाहित जोड़ों की संख्या
पीने के पानी का मुख्य स्रोत
पीने के पानी की उपलब्धता (परिसर के अंदर/बाहर)
प्रकाश का मुख्य स्रोत (बिजली, केरोसिन, आदि)
शौचालय सुविधा की उपलब्धता
शौचालय का प्रकार
अपशिष्ट जल के लिए जल निकासी (ड्रेनेज) की सुविधा
स्नान करने की सुविधा
रसोई घर और LPG/PNG कनेक्शन की स्थिति
खाना पकाने के लिए मुख्य ईंधन
रेडियो/ट्रांजिस्टर की उपलब्धता
टेलीविजन की उपलब्धता
इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता (नया प्रश्न)
लैपटॉप/कंप्यूटर की उपलब्धता
टेलीफोन/मोबाइल फोन/स्मार्टफोन की उपलब्धता
साइकिल/स्कूटर/मोटरसाइकिल/मोपेड की उपलब्धता
कार/जीप/वैन की उपलब्धता
मुख्य रूप से उपभोग किया जाने वाला अनाज (नया प्रश्न)
मोबाइल नंबर (डेटा सत्यापन के लिए)

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