Saturday, August 1st, 2026

राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ पुलिस एक्शन, भगवा वेश में प्रदर्शन पर दर्ज हुआ मामला

वाराणसी

लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और अयोध्या के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ वाराणसी में केस दर्ज हुआ है. यह मामला संसद भवन में प्रदर्शन को लेकर दर्ज हुआ है. संसद भवन में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पप्पू यादव भगवा वेश में नजर आए थे. इस दौरान वह प्रतीकात्मक तौर पर दान पात्र लेकर बैठे थे. राहुल गांधी ने दान पात्र में कुछ पैसे डाले थे और फिर पप्पू यादव भागते दिखे थे. इसके जरिए राम मंदिर चढ़ावा चोरी को दर्शाने का प्रयास किया गया था. इस तरह भगवा ड्रेस में चोरी की घटना को दिखाने पर आपत्ति जताई जा रही है. भाजपा के अलावा कुछ अन्य संगठनों ने भी इसे लेकर निशाना साधा है. यही नहीं अब तीनों नेताओं के खिलाफ केस ही दर्ज कराया गया है। 

संतों की शिकायत के आधार पर वाराणसी के कोतवाली पुलिस स्टेशन में यह केस दर्ज हुआ है. इस मामले में तीनों सांसदों पर धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगा है. इस मामले को लेकर बड़ी संख्या में संतों ने ऐतराज जताया है. इसके अलावा भाजपा, विश्व हिंदू परिषद समेत कई संगठनों का भी कहना है कि भगवा वेश में चोरी करते हुए दिखाना हिंदुओं का अपमान है. इसी को लेकर वाराणसी के कुछ संतों ने पुलिस में शिकायत दी थी और उसके आधार पर केस दर्ज हो गया है। 

संतों का आरोप
पातालपुरी मठ के महंत बालक दास के नेतृत्व में बनारस के आधा दर्जन संत शनिवार को डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल से मिले और राहुल गांधी, सांसद अवधेश प्रसाद तथा सांसद पप्पू यादव के खिलाफ तहरीर सौंपकर मुकदमा दर्ज करने की मांग की। संतों का आरोप है कि संसद में साधु के वेश में किया गया प्रदर्शन और कथित नुक्कड़ नाटक सनातन धर्म की मर्यादा के विपरीत है। उनका कहना है कि इस कृत्य से करोड़ों सनातनियों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं और साधु-संतों की छवि को भी ठेस पहुंची है। महंत बालक दास ने कहा कि धार्मिक प्रतीकों और संत परंपरा का राजनीतिक प्रदर्शन के लिए उपयोग करना अनुचित है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे घटनाक्रम से सनातन धर्म का अपमान हुआ है तथा श्रद्धालुओं की आस्था पर चोट पहुंची है।

संसद में चढ़ावा चोरी के नाटक का विरोध
दरअसल शुक्रवार को संसद के बाहर पप्पू यादव पुजारी के वेश में दानपेटी लेकर पहुंचे थे। इसमें राहुल गांधी ने चंदा डाला था। इसके बाद 'चोरी पकड़े जाने' का नाटक करते हुए अवधेश प्रसाद समेत कई विपक्षी सांसदों ने पप्पू यादव की सांकेतिक पिटाई की थी। इस पर भाजपा ने कटाक्ष किया था। संत समाज ने भी विरोध जताया है।

'राहुल, पप्पू यादव ने जो किया वह अक्षम्य है'
पातालपुरी मठ के पीठाधीश्वर जगद्गुरु बालक दास के नेतृत्व में संतों का प्रतिनिधिमंडल शनिवार की दोपहर एक बजे डीसीपी काशी गौरव बंसवाल के कार्यालय पहुंचज्ञ। डीसीपी से मुलाकात की। यहां उन्होंने उन्हें एक तहरीर की कॉपी दी।

इस दौरान जगद्गुरु बालक दास ने बताया कि- संसद में जिस तरह से पप्पू यादव ने भगवान राम का और सनातन का अपमान किया वह अक्षम्य है। जिस तरह से यह कृत्य किया गया उसे कोई भूल नहीं सकता और इससे हमारी धार्मिक भावना आहत हुई है। ऐसे में हमने FIR दर्ज करने की मांग की है।

पप्पू यादव ने किया संत समाज का अपमान
महंत जगदीश्वनाथ ने कहा - देश के सबसे बड़े मंदिर संसद में पप्पू यादव नामक व्यक्त ने साधु का वेश धरकर भगवान, संत समाज और गेरुआ वस्त्र का अपमान कर रहा है। उसी के लेकर आज हम लोगों ने FIR दर्ज कराई है। उन्होंने कहा भगवान का चित्र रखकर गेरूआ पहनकर टीका लगाकर सनातन का इतना अपमान।

टोपी लगाकर करें सिर तन से जुदा हो जाएगा
जगदीश्वरनाथ ने आगे कहा - संत समाज शांत है तो कुछ भी करोगे। हिम्मत है तो कभी सिर पर टोपी पहनकर कुछ करो तो जानें । सिर तन से जुदा न हो जाए तो कहना। देश में जो संतों का सम्मान नहीं करेगा, हम उसे माफ नहीं करेंगे।

आगे की रणनीति
संतों ने अपनी तहरीर में राहुल गांधी, अवधेश प्रसाद और पप्पू यादव के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो संत समाज आगे की रणनीति तय करेगा।

पुलिस की कार्रवाई
डीसीपी काशी जोन को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में पुलिस से मामले की जांच कर विधिक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया गया है। फिलहाल पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर नियमानुसार जांच और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है। डीसीपी काशी जोन ने बताया कि तहरीर मिली है, जांच कर केस दर्ज किया जाएगा।

भगवा के अपमान को मुद्दा बनाने की कोशिश में भाजपा, VHP भी भड़की
पप्पू यादव, राहुल गांधी और अवधेश प्रसाद की ओर से ऐसी एक्टिंग किए जाने को लेकर कुछ जानकार यह भी कह रहे हैं कि यह इंडिया गठबंधन को नुकसान पहुंचा सकता है. इन लोगों का कहना है कि इससे हिंदुत्व को गलत ढंग से प्रस्तुत करने का आरोप चस्पा हो सकता है. भाजपा और विश्व हिंदू परिषद ने तो सीधे तौर पर इसे हिंदुओं के अपमान से जोड़ दिया है. भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला का कहना है कि क्या किसी और धर्म का मामला होता तो उनके जैसी ड्रेस पहनकर क्या चोरी की घटना को फिल्माया जा सकता था. इसी को लेकर विश्व हिंदू परिषद के नेता आलोक कुमार ने भी आपत्ति जताई है. यही नहीं लखनऊ में एक संगठन ने प्रदर्शन भी किया है और अखिलेश यादव एवं पप्पू यादव के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतले भी जलाए हैं। 

 

#rahul

Source : Agency

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