Saturday, August 8th, 2026

BRICS Culture Ministers Meeting: भोपाल में ब्रिक्स सम्मेलन का आगाज, जानिए किन अहम मुद्दों पर बनेगा रोडमैप

 भोपाल 

भोपाल में शनिवार को ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों की मीटिंग होगी। इसमें वे अपने-अपने देशों की सांस्कृतिक विरासत, संग्रहालय, रचनात्मक अर्थव्यवस्था, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और ‘लोगों से लोगों के बीच जुड़ाव’ के क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने को लेकर मंथन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंत्रियों को लंच भी देंगे।

ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत 5 अगस्त से हुई थी। चौथा दिन, शनिवार महत्वपूर्ण है। बैठक 'ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की घोषणा' को अपनाने के साथ समाप्त होगी, जो ब्रिक्स ढांचे के भीतर बेहतर सांस्कृतिक सहयोग के लिए एक साझा दृष्टिकोण और भविष्य का रोडमैप निर्धारित करेगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा दोपहर के भोजन (लंच) का कार्यक्रम होगा। शुक्रवार को सभी मंत्री भोपाल पहुंच गए थे। जिनका परंपरागत रूप से स्वागत किया गया।

यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल 'सांची' की सांस्कृतिक यात्रा बैठक और भोजन के बाद विदेशी मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल भारत की समृद्ध बौद्ध विरासत और स्थापत्य कला के अवलोकन के लिए सांची के लिए प्रस्थान करेंगे। प्रतिनिधि 'बुद्ध जंबूदीप' का भ्रमण करेंगे और तत्पश्चात विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप का एक विशेष गाइडेड टूर लेंगे।

यात्रा के दौरान प्रतिनिधि चेतियागिरी मंदिर में दर्शन के साथ-साथ योग एवं ध्यान सत्र में भाग लेंगे। शाम को बौद्ध इतिहास और कला पर आधारित एक आकर्षक 3D प्रोजेक्शन मैपिंग तथा लाइट एंड साउंड शो का आयोजन किया जाएगा।

मंत्रियों को लंच-डिनर में लड्‌डू-बाफला सदस्य देश के संस्कृति मंत्रियों के लिए लंच और डिनर में खास मैन्यू है। लंच और डिनर में मेहमानों को प्रदेश के प्रमुख व्यंजन जैसे- दाल बाफले, निमोना, रिकमच, गुइया की सब्जी, चंबल का थोपा, चंदिया, बड़ा और स्वास्थ्यवर्धक मिलेट्स पर आधारित कोदो व कुटकी आदि शामिल हैं।

अंतरराष्ट्रीय अतिथियों के स्वाद और प्राथमिकताओं का ध्यान रखते हुए वेस्टर्न (पश्चिमी) और ओरिएंटल व्यंजनों की भी श्रृंखला भी परोसी जा रही है।

वन विहार से शिकारा तक, भोपाल ने जीता दिल
मध्य प्रदेश पर्यटन की ओर से ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए विशेष भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किए गए. प्रतिनिधियों ने हेरिटेज वॉक के दौरान गौहर महल, इकबाल मैदान और मोती मस्जिद की ऐतिहासिक विरासत को करीब से देखा. इसके बाद वन विहार नेशनल पार्क में जैव विविधता का अनुभव किया और बड़ा तालाब में शिकारा की सैर का भी आनंद लिया. बर्ड वाचिंग भी उनके लिए सबसे यादगार गतिविधियों में शामिल रही। 

'भोपाल की मेहमाननवाजी हमेशा याद रहेगी'
अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान एवं संगठनों के महानिदेशक हामिद मोस्तफवी ने भोपाल यात्रा को बेहद खूबसूरत और यादगार बताया. उन्होंने कहा कि "वन विहार की प्राकृतिक संपदा, पक्षियों की विविधता और यहां दी गई जानकारी अत्यंत प्रभावशाली रही। 

भारत और ईरान के ऐतिहासिक संबंधों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिंदी और फारसी भाषाओं की समानताएं दोनों देशों की साझा सांस्कृतिक विरासत की गवाही देती हैं. उन्होंने कहा कि भोपाल की आत्मीय मेहमाननवाजी हमेशा मेरे दिल में रहेगी। 

'मध्य प्रदेश आकर बहुत खुशी हुई'
ईरान के सांस्कृतिक मामलों के उप मंत्री
के सलाहकार अयूब देहघांकर ने कहा कि "वन विहार में प्राकृतिक विरासत के संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयास पूरी दुनिया के लिए प्रेरणादायक हैं. उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास धरती और पर्यावरण की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं." उन्होंने आयोजकों और इससे जुड़े सभी लोगों का आभार भी व्यक्त किया। 

'दुनिया को मध्य प्रदेश जरूर देखना चाहिए'
चीन से आए प्रतिनिधि हाइिलिंग ने कहा कि "मध्य प्रदेश का भ्रमण उनके लिए अनूठा अनुभव रहा. यहां उन्होंने पक्षियों, सरीसृपों, बाघों और समृद्ध जैव विविधता को करीब से देखा. उन्होंने कहा कि स्थानीय लोगों की आत्मीयता और पेशेवर मार्गदर्शन ने इस यात्रा को और खास बना दिया." हाइिलिंग ने कहा कि वह दुनिया भर के पर्यटकों से मध्य प्रदेश की प्राकृतिक और वन्यजीव संपदा देखने की अपील करेंगे। 

'सांस्कृतिक कूटनीति का बना यादगार मंच'
केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय केसचिव विवेक अग्रवालके अनुसार "ब्रिक्स सम्मेलन के जरिए भोपाल ने एक बार फिर अपनी सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और अतिथि सत्कार की वैश्विक पहचान मजबूत की है. विदेशी प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाओं ने यह संदेश दिया कि सांस्कृतिक संवाद केवल बैठकों तक सीमित नहीं है, बल्कि लोगों, परंपराओं और अनुभवों के जरिए देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत बनाता है। 

 

 

#BRICS

Source : Agency

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