Thursday, July 23rd, 2026

झारखंड में शुरू होंगे एएमई और एयर होस्टेस कोर्स, युवाओं को मिलेगा नया अवसर

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट ने विमानन अभियंता सह एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमइ) कोर्स के संचालन के लिए दिल्ली की संस्था मेसर्स वेन्योर के साथ एमओयू किया है. वहीं एयर होस्टेस के प्रशिक्षण के लिए भोपाल के एआइएसइसीटी लिमिटेड के साथ करार हुआ है. दोनों पाठ्यक्रमों की शुरुआत नवंबर में मुख्यमंत्री स्थापना दिवस पर करेंगे. झारखंड पूर्वी भारत का ऐसा पहला राज्य होगा जहां सरकारी स्तर पर दोनों पाठ्यक्रमों की पढ़ाई होगी. पड़ोसी राज्यों में सरकारी स्तर पर ऐसे कोर्स उपलब्ध नहीं हैं. धनबाद में खनन इंजीनियरिंग संस्थान उपलब्ध है. इसलिए यहां इस संस्थान को शुरू करने का निर्णय सरकार ने लिया है. मेसर्स वेन्योर यह पाठ्यक्रम पीपीपी मोड पर चलायेगा. इससे राज्य सरकार व फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा. एएमइ कोर्स में कुल 60 सीटें उपलब्ध हैं, जबकि एयर होस्टेस के छह महीने और 12 महीने के कोर्स में 60-60 सीटें उपलब्ध रहेंगी. डीजीसीए की अनुमति के बाद पाठ्यक्रमों का संचालन आरंभ कर दिया जायेगा.

एएमई तीन वर्ष, एयर होस्टेस के छह व 12 माह के कोर्स
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट वेन्योर संस्थान को दोनों पाठ्यक्रमों के संचालन के लिए आधारभूत संरचना उपलब्ध करायेगा. इससे इंस्टीट्यूट को कुछ वित्तीय लाभ भी मिलेगा. इस संस्थान के आरंभ होने से राज्य और पड़ोसी राज्यों के युवक-युवतियों को सरकारी स्तर पर कोर्स करने के लिए दूरवर्ती राज्यों में नहीं जाना पड़ेगा और न ही अत्यधिक वित्तीय बोझ पड़ेगा. एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस इंजीनियरिंग (एएमइ) के लिए तीन वर्ष का कोर्स होगा, जिसके लिए छह लाख रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है, जिसे तीन बराबर किस्तों में बांटा गया है. उन्हें हर साल दो-दो लाख रुपये देना होगा. इसी प्रकार एयर होस्टेस के छह महीने के प्रशिक्षण कोर्स के लिए एक लाख पांच हजार रुपये निर्धारित किये गये हैं. वहीं 12 महीने के डिप्लोमा कोर्स के लिए एक लाख 55 हजार पांच सौ रुपये निर्धारित हैं. इसमें ड्रेस, ग्रूमिंग किट व स्विमिंग प्रशिक्षण शामिल है. एयर होस्टेस के लिए फॉर्म भरने की अंतिम तिथि 30 जुलाई है. फॉर्म भरने के लिए झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट की वेबसाइट पर जाकर इसे भरें.

झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के एमडी ने क्या कहा?
झारखंड फ्लाइंग इंस्टीट्यूट के एमडी कैप्टन एसपी सिन्हा ने कहा कि एविएशन इंजीनियरों की कमी और झारखंड के युवक-युवतियों को इसका अवसर प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिशा-निर्देश पर दोनों पाठ्यक्रमों को शुरू किया जा रहा है. इसकी सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. एविएशन इंजीनियरिंग व एयर होस्टेस के कोर्स राज्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे.

 

#air hostess courses

Source : Agency

आपकी राय

10 + 5 =

पाठको की राय