Saturday, July 25th, 2026

हाईवे जाम और हादसे होंगे कम, दो अंडरपास सहित बनेगा फुटओवर ब्रिज

लखनऊ
लखनऊ-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने और जाम को खत्म करने के लिए अक्टूबर से अंडरपास और फुट ओवरब्रिज (एफओबी) के निर्माण की शुरुआत होगी।

परियोजना के तहत हाईवे के उन स्थानों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सड़क पार करने के दौरान सबसे अधिक दुर्घटनाएं होती हैं और स्थानीय आबादी को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस परियोजना पर करीब 107 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

इसके साथ ही राजमार्ग पर जो कमियां हैं, उन्हें भी एनएचएआइ दूर करने जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि आने वाले सालों में वाहनों की गति बनी रहे। प्रोजेक्ट को 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

एनएचएआइ के मुताबिक, राजमार्ग पर दो अंडरपास और एक फुटओवर ब्रिज का निर्माण होगा। पूरे प्रोजेक्ट पर सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से 107 करोड़ की स्वीकृति मिल गई है। बारिश के कारण अभी कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे पहले रूट डायवर्जन किया जाएगा। कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं कि वह अपना यार्ड बनाए और मशीनरी को मौके पर पहुंचाने का काम सितंबर तक हर हाल में पूरा कर ले।

12 मीटर करीब चौड़ा और पांच मीटर से अधिक ऊंचा होगा बॉक्स
दरअसल, नवाबगंज तिराहा और दही चौकी पर अंडरपास बनाए जाएंगे। स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों के आग्रह पर त्रिभुवन खेड़ा पर फ्लाइओवर बनेगा। अंडरपास के बाक्स को पुश बैक कर जमीन के भीतर डाला जाएगा। पुश बैक 55 मीटर लंबा होगा। वर्तमान में यह प्रयोग आलमबाग अवध चौराहे पर सेतु निगम की ओर से किया जा रहा है। यह बाक्स 12 मीटर करीब चौड़ा और पांच मीटर से अधिक ऊंचा होगा। इसी आकार के अंडरपास नवाबगंज और दही चौकी के पास बनाए जाएंगे।

प्रतिदिन सैकड़ों छोटे-बड़े वाहन इस मार्ग से गुजरते हैं। हाईवे किनारे बसे गांवों के लोग, स्कूली बच्चों और किसानों को सड़क पार करने के लिए काफी जोखिम उठाना पड़ता है। कई स्थानों पर सुरक्षित क्रासिंग नहीं होने के कारण दुर्घटनाएं होती रही हैं।अंडरपास के दोनों तरफ सर्विस रोड बनाई जाएगी। कुल मिलाकर जो इन दोनों बाटल नेक पर ट्रकों की लंबी कतार लगती थी, वह अब नीचे-नीचे निकल जाएगी और ऊपर ट्रैफिक का संचालन सुगम बना रहेगा।

इस पूरे काम को करने के लिए नवाबगंज व दही चौकी के पास वन विभाग की तीन हेक्टेयर जमीन पर लगे पेड़ को शिफ्ट किया जाएगा और कुछ काटे भी जा सकते हैं। इसके एवज में प्राधिकरण वन विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई जमीन पर पौधरोपण कराएगा। पांच साल तक कार्यदायी संस्था इसकी देखरेख भी करेगी।

ड्रेनेज और लाइटिंग की उचित होगी व्यवस्था
एनएचएआइ ड्रेनेज और लाइटिंग की उचित व्यवस्था कराएगा। अंडरपास पर 24 घंटे पर्याप्त रोशनी रहे, इसके लिए बड़े-बड़े रोशनदान भी बनाए जाएंगे, जिससे बिजली कटौती के दौरान भी दिन में रोशनी रहेगी। डिवाइडर रोड बनाने के साथ ही बरसात का पानी न भरे उसके लिए ड्रेनेज सिस्टम को अत्याधुनिक तकनीक से लैस बनाया जाएगा।

अक्टूबर के पहले सप्ताह से निर्माण शुरू हो जाएगा। अभी बारिश के कारण कार्य लंबित है। निर्धारित अवधि में प्रोजेक्ट पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। दो जगह अंडरपास व एक स्थान पर फुटओवर ब्रिज बनेगा। इस प्रोजेक्ट पर करीब 107 करोड़ रुपये खर्च होंगे। -नकुल प्रकाश वर्मा, परियोजना निदेशक, एनएचएआइ

 

 

#national highway

Source : Agency

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