Saturday, April 18th, 2026

बेनामी लेनदेन केस: सौरभ शर्मा का 100 करोड़ का गोल्ड-कैश जब्त, चेतन गौर पर लगाया बेनामीदार होने का आरोप

भोपाल 

आरटीओ के पूर्व आरक्षक सौरभ शर्मा और उसके सहयोगी चेतन सिंह गौर से जुड़े करीब 100 करोड़ रुपए के सोना और नकदी को अब जब्त किया जाएगा।आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की कार्रवाई को सही ठहराया है। वहीं, सौरभ शर्मा को सोने का वास्तविक मालिक बताया गया है।

भोपाल के मेंडोरी में 18 और 19 दिसंबर की दरम्यानी रात एक इनोवा कार से 51.8 किलोग्राम सोना और 11.6 करोड़ रुपए नकद बरामद हुए थे। इस मामले में आयकर विभाग ने जांच के बाद कार्रवाई शुरू की थी।

पूरा मामला क्या है?

यह मामला 18 और 19 दिसंबर 2025 की रात का है। भोपाल के मेंडोरी इलाके में एक इनोवा कार से 51.8 किलोग्राम सोना और 11.6 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए थे।

इस मामले की जांच आयकर विभाग ने शुरू की थी। आयकर विभाग की एडजुडिकेटिंग अथॉरिटी ने भोपाल स्थित बेनामी निषेध इकाई (बीपीयू) की कार्रवाई को सही बताया है। साथ ही, सौरभ शर्मा को सोने का असली मालिक भी घोषित किया गया है।

अस्थायी कुर्की का फैसला

आयकर विभाग की बेनामी निषेध इकाई ने अगस्त 2025 में पीबीपीटी अधिनियम, 1988 के तहत इस संपत्ति की अस्थायी कुर्की की थी।

उस समय इन संपत्तियों की कीमत करीब 52 करोड़ रुपए बताई गई थी, लेकिन अब इनकी कीमत 100 करोड़ रुपए के आसपास हो गई है। जानकारी के अनुसार, अब इस संपत्ति को पूरी तरह जब्त किया जाएगा।
चेतन सिंह गौर को बेनामीदार घोषित किया गया

जांच एजेंसी ने यह पाया कि चेतन सिंह गौर को बेनामीदार और सौरभ शर्मा को वास्तविक मालिक के रूप में पहचाना गया है। इस मामले में आयकर विभाग ने बेनामी लेनदेन के तहत कार्रवाई की है।
संपत्तियों की जांच जारी

आयकर विभाग अब सौरभ शर्मा, चेतन सिंह गौर और उनके रिश्तेदारों से जुड़ी 32 से अधिक संपत्तियों और बैंक खातों की जांच कर रहा है। इस मामले में अभी और फैसले आना बाकी हैं।
ED और IT की कार्रवाई

इस मामले में पहले लोकायुक्त ने ( सौरभ शर्मा संपत्ति जांच) और बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और आयकर विभाग (IT) ने भी जांच शुरू की थी। ED ने फरवरी 2025 में सौरभ शर्मा और उनके करीबियों को गिरफ्तार किया था और उनकी संपत्तियों को अटैच करने की प्रक्रिया शुरू की थी।

इसके बावजूद, एमपी विधानसभा में सरकार का यह कहना कि 'जानकारी एकत्रित की जा रही है', विपक्षी खेमे को हमलावर होने का मौका दे रहा है।इस कार्रवाई के बाद, यह सौरभ शर्मा भ्रष्टाचार मामला अब और भी चर्चा में आ गया है और लोगों के बीच कई सवाल उठने लगे हैं।

 

#Saurabh Sharma

Source : Agency

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