Wednesday, June 10th, 2026

रक्षा क्षेत्र में भारत की बड़ी कामयाबी, सूर्यास्त्र रॉकेट टेस्ट से दुश्मनों की बढ़ी टेंशन

बेंगलुरु 
भारतीय रक्षा क्षेत्र में निजी कंपनियों की भागीदारी बढ़ने का एक और शानदार उदाहरण सामने आया है. पुणे स्थित निजी क्षेत्र की कंपनी Nibe Limited ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) में सूर्यास्त्र (Suryastra) रॉकेट्स का सफल फायरिंग डेमोन्स्ट्रेशन पूरा कर लिया है. कंपनी ने 150 और 300 किलोमीटर रेंज वाली दोनों रॉकेट्स का सफल परीक्षण किया. यह परीक्षण भारतीय सेना द्वारा कंपनी को दिए गए प्रोक्योरमेंट ऑर्डर का हिस्सा है। 

सूर्यास्त्र रॉकेट्स की खासियतें 

    रेंज: 150 किमी और 300 किमी
    CEP (Circular Error Probable): 150 किमी रेंज वाली रॉकेट का CEP मात्र 1.5 मीटर और 300 किमी रेंज वाली रॉकेट का CEP मात्र 2 मीटर.
    प्रकार: प्रिसीजन गाइडेड रॉकेट 
    उद्देश्य: जमीन पर सटीक हमला 
    विशेषता: बेहद उच्च सटीकता, जिससे छोटे-से-छोटे टारगेट को भी नष्ट किया जा सकता है.

1.5 से 2 मीटर का CEP दुनिया के बेहतरीन रॉकेट सिस्टम्स में गिना जाता है. इसका मतलब है कि रॉकेट अपने लक्ष्य से औसतन सिर्फ 1.5-2 मीटर की दूरी पर गिरती है, जो युद्ध में बहुत बड़ी ताकत है। 

ITR चांदीपुर में किए गए इन फायरिंग ट्रायल्स में दोनों रॉकेट्स ने अपने टारगेट्स को बेहद सटीकता से भेदा. परीक्षण के दौरान सभी सिस्टम्स - गाइडेंस, नेविगेशन, प्रोपल्शन और कंट्रोल पूरी तरह सफल रहे। 

Nibe Limited ने इसे भारतीय रक्षा उद्योग के लिए मील का पत्थर बताया है. कंपनी ने कहा कि ये रॉकेट्स पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित हैं. भारतीय सेना की जरूरतों के अनुसार विकसित किए गए हैं। 

क्यों महत्वपूर्ण है यह उपलब्धि?
भारतीय सेना को अब लंबी दूरी की सटीक हमला करने वाले रॉकेट्स मिलेंगे. दुश्मन के ठिकानों, आर्टिलरी पोजीशन्स, कमांड सेंटर्स और अन्य महत्वपूर्ण टारगेट्स को सुरक्षित दूरी से नष्ट किया जा सकेगा. इससे रक्षा आयात पर निर्भरता कम होगी और भविष्य में निर्यात की भी संभावनाएं बढ़ेंगी। 

Nibe Limited रक्षा और एयरोस्पेस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही कंपनी है. कंपनी पहले से ही विभिन्न रक्षा प्रोजेक्ट्स में काम कर रही है. सूर्यास्त्र रॉकेट का सफल परीक्षण कंपनी की क्षमता को और मजबूत करता है। 

ये रॉकेट्स भारतीय सेना की फायरपावर को काफी बढ़ाएंगे. खासकर सीमा पर तनाव की स्थिति में लंबी दूरी से सटीक हमला करने की क्षमता से सेना को बड़ी रणनीतिक बढ़त मिलेगी. 300 किमी रेंज वाली रॉकेट दुश्मन के गहरे इलाकों तक पहुंचने में सक्षम होगी। 

 

#Suryastra

Source : Agency

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